जाम लगाने के बाद पुलिस से नोकझोक करते रोडवेज कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
ज्वालागंज बस अड्डे के बाहर सड़क पर रोडवेज बस खड़ी कर यात्री बैठाने से नाराज दरोगा ने बस में घुसकर चालक और परिचालक की जमकर पिटाई कर दी। इससे भड़के रोडवेज चालकों ने जीटी रोड पर बीचोंबीच बसें खड़ी कर जीटी रोड जाम कर दी। तीन घंटे तक आवागमन बाधित रहा। जमकर नारेबाजी हुई। सीओ, एसडीएम के मौके पर पहुंचने पर किसी तरह से मामला शांत हो सका। पुलिस ने अज्ञात दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मारपीट का आरोप कोतवाल पर भी लगाया गया है। उधर, चालक को सुनाई न देने की शिकायत पर ईएनटी सर्जन ने कानपुर रेफर किया है।
रोडवेज चालक लक्ष्मीशंकर (50) भदोही जिले के जगन्नाथपुर के रहने वाले हैं। उनके साथ बस परिचालक मलवंा थाना क्षेत्र के मनोज कुमार यादव फतेहपुर डिपो की बस लेकर सुबह करीब साढ़े सात बजे बस स्टैंड से कानपुर को निकले। बस स्टैंड के बाहर चालक ने कानपुर जाने वाली सड़क पर यात्री आते देख बस रोक दी। वह यात्रियों को बैठाने लगा तभी एक दरोगा बस के अंदर पहुंचा। उसने चालक को सीट पर पीछे से दबोच लिया। आरोप है कि वह उसकी लात घूंसों से पिटाई करने लगा। चालक को पीटने का परिचालक ने विरोध किया तो उसकी भी बेरहमी पिटाई की। इसकी जानकारी अन्य चालकों को हुई तो सभी ने रोडवेज बसों को जीटी रोड पर खड़ा कर जाम लगा दिया। सीओ सिटी समरबहादुर और एसडीएम अभिनव रंजन मौके पर पहुंचे। चालकाें और परिचालकों ने रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। चालक की तहरीर पर अज्ञात दरोगा पर मारपीट की एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ की जिला शाखा अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने आरोप लगाया कि दो दिन से कोतवाल महेश पांडेय चालकों से बुरा बर्ताव कर रहे थे। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज में सीओ और एसडीएम ने कोतवाल को देखा है। इससे साफ है कि मारपीट कोतवाल ने ही की है। उधर, कोतवाल ने बताया कि आरोप गलत लगाए जा रहे हैं। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट के काम से सुबह ही चले आए हैं। सीओ सिटी ने चालक से कई दरोगाओं की पहचान कराई गई है। लेकिन वह पहचान नहीं सका है। आरोपी जो भी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। फुटेज साफ न होने से दरोगा की पहचान नहीं हो सकी है। उधर चालक का आरोप है कि पिटाई से उसके एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है। इस पर सदर अस्पताल के ईएनटी सर्जन उसे कानपुर रेफर किया है।