जीआईसी के सभाकक्ष में डीआईओएस की बैठक में मौजूद प्रिंसिपल
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लैपटाप वितरण के लिए बच्चाें को सूचना देने, लाने और ले जाने की पूरी जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों को दी गई है। इसके लिए उन्हें जवाबदेह भी बनाया गया है। शुक्रवार को राजकीय इंटर कालेज सभागार में हुई बैठक में इस बारे में दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीआईओएस नंदलाल यादव ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री का लैपटाप बांटने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम की तारीख अभी तय नहीं है। ऐसी हालत में माध्यमिक शिक्षा विभाग अपने स्तर से तैयारी पूरी कर रहा है। जिन स्कूलों के मेधावियों को लैपटाप मिलने हैं, उनके प्रिंसिपलों की जिम्मेदारी है कि अपने यहां के चयनित बच्चों को सूचना दे दें। बच्चों को साथ लेकर कार्यक्रम स्थल तक आएं और वापस सुरक्षित पहुंचाने तक उनकी ही जिम्मेदारी रहेगी। इसमें किसी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी प्रिंसिपलों को चयनित बच्चों की सूची दी गई। बाद में सीबीएसई, आईसीएसई, संस्कृत और मदरसा बोर्ड से संचालित प्रिंसिपलों की भी बैठक कर उन्हें चयनित लाभार्थियों की सूची बांटी गई। दूसरी ओर नायब तहसीलदार दूधनाथ यादव ने वितरण के लिए आए लैपटापों की गुणवत्ता की जांच की। शुक्रवार को स्काउट भवन में एचपी के प्रोजेक्ट मैनेजर आजाद सिंह ने लैपटाप चलाकर दिखाया। जिले में बोर्ड परीक्षा 2015 और 2016 के 1494 मेधावियों के लिए लैपटाप वितरण के लिए आ चुके हैं।