फतेहपुर। माहपुर स्थित सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद अब पीड़ितों ने धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। सदर कोतवाली क्षेत्र के अरबपुर मोहल्ला निवासी अर्चना देवी ने फर्जी प्लॉट सौदे के मामले में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
महिला का आरोप है कि बैनामा दूसरी जगह का कराया गया, जबकि कब्जा सरकारी जमीन पर दिलाया गया था। महिला अर्चना देवी ने बताया कि पति अमर सिंह मजदूरी करते हैं। पति का संपर्क शांतिनगर निवासी रामनाथ साहू से पहले से था, जो प्लॉटिंग का काम करता है।
रामनाथ ने भरोसे में लेकर आठ सितंबर 2015 को माहपुर क्षेत्र में एक प्लॉट मो. एहसान और मो. अलीम खान के जरिये सात लाख रुपये में बैनामा कराया, लेकिन प्लॉट का कब्जा जानबूझकर गलत गाटा संख्या (295) पर दिला दिया, जो सरकारी भूमि थी।
उसने उस जमीन पर एक मंजिला मकान बनवाया था, जिसे प्रशासन ने 17 फरवरी को अतिक्रमण मानते हुए ध्वस्त कर दिया। शिकायत करने पर रामनाथ साहू ने 19 मार्च को दूसरा प्लॉट देने का लिखित वादा किया और तीन महीने का समय मांगा, लेकिन समय बीत जाने पर भी कोई जमीन नहीं दी गई।
महिला का आरोप है कि 12 जून की शाम रामनाथ ने स्टेडियम के पास बुलाकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
बताया कि महापुर इलाके में भूमाफिया ने सरकारी जमीन पर कई लोगों को प्लॉट बेचकर कब्जा दिलाया था। प्रशासन की कार्रवाई के बाद कई पीड़ित अब सामने आ रहे हैं। सदर कोतवाली प्रभारी तारकेश्वर राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।