फतेहपुर। पुश्तैनी मकान की फर्जी वसीयत तैयार कर धोखाधड़ी कर बेचने के आरोप में बिंदकी पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पूर्व सभासद महताब आलम और सोएफ कुरैशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कजियाना मोहल्ला निवासी अब्दुल तौहीद ने एफआईआर में बताया कि उनका मकान उनकी दिवंगत दादी मसूमन मजीद के नाम नगर पालिका में दर्ज था। आरोप है कि पड़ोसी पूर्व सभासद महताब आलम ने सात अक्तूबर 2024 को फर्जी दस्तावेजों के जरिये मकान की कूटरचित वसीयत तैयार करवा ली। इसके बाद 21 दिसंबर को मकान सोएफ कुरैशी को बेच दिया।
तौहीद के अनुसार जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने वसीयत पर आपत्ति जताई। इसके बाद 27 मई 2025 को नगर पालिका ने वसीयत निरस्त कर दी। वर्तमान में मकान का मूल्यांकन (असेसमेंट) तौहीद, उनके भाई वसीम, बहन हुस्नबानो और मां नाजमी बेगम के नाम दर्ज है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने अन्य संपत्तियों पर भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है। पुलिस और एसपी से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर मामला कोर्ट में गया, जहां से आदेश के बाद केस दर्ज हुआ। कोतवाल लान सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।