फतेहपुर। मौरंग खदान में साझेदार बनाने का झांसा देकर संचालक ने तीन करोड़ 11 लाख रुपये हड़प लिए। सीओ के आदेश पर धाता पुलिस ने फर्म की मालकिन और उसके पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
धाता थानाक्षेत्र के सलेमपुर में मौरंग खनन पट्टा बलरामपुर के मनीष ओझा के पास है। पट्टा उनकी पत्नी मधुबाला की आदित्य बिल्डिंग मैटेरियल प्राइवेट कंपनी के नाम पर है। गौतमबुद्घ नगर नोएडा सेक्टर 55 डी-9 निवासी दीपक गुप्ता का आरोप है कि एक साल पहले आदित्य बिल्डिंग मैटिरियल प्राइवेट कंपनी में रुपये लगाने पर खदान में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी की बात मनीष ओझा से हुई थी। हिस्सेदारी के बदले में तीन करोड़ 11 लाख रुपये मनीष ओझा को चेक के जरिए उनकी फर्म के नाम पर दिए। इसके बाद हिस्सेदारी नहीं दी। रुपये मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगे।
रुपयों के लिए दबाव बनाने पर मनीष ओझा ने उसे जान से मारने की धमकी दी। शिकायत की जांच खागा सीओ जीडी मिश्रा ने की। थानाध्यक्ष सुरेेश तिवारी ने बताया कि सीओ के आदेश पर आरोपी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी, धन हड़पने और धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्र्ज की गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
खदान संचालक मनीष ओझा पर जिले में पहले भी मामले दर्ज हो चुके हैं। करीब पांच माह पहले खदान में खागा की राजस्व टीम जांच के लिए पहुंची थी। तब टीम पर मनीष ओझा पर साथियों के साथ हमला करने का आरोप लगा था। धाता पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज किया था। मामले में चार्जशीट भी लगाई जा चुकी है। सदर कोतवाली पुलिस ने तीन माह पहले लखनऊ के एक युवक की तहरीर पर मनीष ओझा और उनकी पत्नी मधुबाला और चित्रकूट के खनन कारोबारी पर डंप की मौरंग बेचने का मामला दर्ज किया था। इस तरह से खदान संचालक मनीष ओझा और उनकी फर्म पर यह तीसरा मामला दर्ज हुआ है।