फतेहपुर। कोरोना काल में बनाए गए राशनकार्डों की सत्यापन अब पूर्ति विभाग कर रहा है। करीब डेढ़ महीने से चल रहे सत्यापन में 2373 कार्डधारक अपात्र मिले हैं।
पूर्ति विभाग के अधिकारियों इन राशन कार्डों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की है। वहीं सत्यापन का समय 15 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है।
जिले में करीब पांच लाख नौ हजार राशन कार्डधारक हैं। इसमें 39 हजार 567 अंत्योदय कार्डधारक हैं।
कोविड-19 के समय प्रवासी मजदूरों को निशुल्क खाद्यान्न दिलाने के लिए राशनकार्ड जारी किए गए थे। थोक में बने इन राशनकार्ड की अब पूर्ति विभाग ने छटनी शुरू की है।
इसमें जिले के 13 ब्लाकों में पूर्ति निरीक्षक व नगर पालिका और नगर पंचायतों में क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें लगाई गईं हैं।
18 दिसंबर से 31 जनवरी तक कर्मचारियों ने 2373 पात्र गृहस्थी के अपात्र राशन कार्डों की सूची बना ली है। जिनके कार्ड निरस्त कराने के लिए पूर्ति विभाग ने तैयारी कर ली है।
इसी तरह पिछले वर्ष अपात्र कार्डधारकों की जांच करके पूर्ति विभाग ने 1100 कार्ड निरस्त किए थे। जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह कहते हैं कि राशनकार्डों की कंप्यूटर ऑपरेटरों के माध्यम से फीडिंग कराई जा रही है।
इसके बाद पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से उन्हें निरस्त कराया जाएगा। 15 फरवरी तक जांच के बाद अपात्रों के राशनकार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। अभी तक 62 प्रतिशत राशन कार्डों का सत्यापन हुआ है।
पात्र गृहस्थी कार्ड के मानक
शहरी क्षेत्र के कार्डधारकों की वार्षिक आय सीमा तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। कार्डधारक के पास चार पहिया वाहन, शस्त्र लाइसेंस न हो। दो मंजिला मकान न बना हो। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से अधिक न हो। 10 बीघा सिंचिंत भूमि न हो और ट्रैक्टर व चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए।
जिले का ब्योरा
पात्र गृहस्थी कार्डधारक - 479433
अंत्योदय कार्डधारक - 39567
कोटे की दुकानें - 1109
निलंबित दुकानें - 23