रविवार की सुबह से हुई घनघोर बारिश ने फसल चौपट कर दी है। जनपद में दो लाख
88 हजार 731 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें एक लाख 96 हजार 978
हेक्टेयर सिंचित और 91 हजार 753 असिंचित भूमि है। इसमें करीब दो लाख 25
हजार किसान खेती करते हैं।
खरीफ की फसल में सूखे की चपेट से 57 फीसदी से
अधिक फसलें बर्बाद हुई थी, जिसमें सरकार ने जनपद को सूखाग्रस्त घोषित किया
था। खरीफ की फसल में हल्का लेखपालों द्वारा की गई पड़ताल सिर्फ कागजों में
सिमटकर रह गई, जिसमें अभी तक एक भी किसान को मुआवजे का लाभ नहीं मिला है।
खागा
प्रतिनिधि के अनुसार बरसात से किसानों की तेलहन, दलहन, गेहूं और आलू की
लहलहाती 90 फीसदी फसलें चौपट हो गई हैं। चना, मटर, अरहर,और आलू की फसलें भी
बरबाद हो गई हैं। किसान जगन्नाथ, रूद्रप्रताप, मोहनलाल, शिवप्रताप नरेंद्र
और शीतला सहाय ने बताया कि बरसात ने होली का त्योहार फीका कर दिया है।