असोथर। नहरों की सिल्ट सफाई पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र के बेरुई माइनर पर लगे सूचना बोर्ड में सिल्ट सफाई के खर्च का विवरण दर्ज नहीं है। बेरुई माइनर की सिल्ट सफाई 17 नवंबर 2025 को शुरू होकर पहली दिसंबर 2025 तक पूरी की जानी थी।
अवर अभियंता (जेई) अनुराग प्रताप, सहायक अभियंता कमल किशोर और अधिशासी अभियंता एसएल वर्मा की देखरेख में यह कार्य पूरा किया गया। मौके पर लगे सूचना बोर्ड में लागत खर्च का उल्लेख नहीं किया गया।
नहर विभाग के जेई विकास सिंह ने बताया कि उन्हें फरवरी में कार्यभार मिला और यह कार्य उनके पूर्व के जेई के समय में कराया गया था। उन्होंने कहा कि लागत और खर्च की जानकारी केवल पूर्व जेई ही दे सकते हैं।
तत्कालीन अवर अभियंता अनुराग प्रताप ने बताया कि उनका तबादला हो चुका है और संभवतः भूलवश लागत अंकित नहीं हो सकी। हालांकि उन्होंने लागत खर्च के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सूचना बोर्ड पर सभी आवश्यक विवरण देना अनिवार्य है। उन्होंने विभाग से सूचना बोर्ड संशोधित कराने की मांग की है।