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Fatehpur News: आपदा, पर्यावरण और कंप्यूटर के सवालों ने बढ़ाई परीक्षार्थियों की मुश्किलें

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फोटो-10-अ​भिषेक यादव। संवाद
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फतेहपुर। जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर बृहस्पतिवार को लेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी इतिहास, कंप्यूटर और सामान्य ज्ञान के कई प्रश्नों में उलझे नजर आए। खासकर आपदा व पर्यावरण से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा परेशान किया।
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गणित के कुछ प्रश्नों में भी परीक्षार्थियों को अधिक समय देना पड़ा। माइनस मार्किंग के चलते परीक्षार्थियों ने कई सवालों को सोच-समझकर हल किया। परीक्षा में पंजीकृत 2,664 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 2,234 ने परीक्षा दी। 430 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा के दौरान कंप्यूटर शब्दावली से जुड़े जीआईजीओ का अर्थ, एमएस पावर पॉइंट के आविष्कार समेत सामान्य ज्ञान के कई प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझाए रखा। दो घंटे में 100 प्रश्न हल करने के दबाव में कई परीक्षार्थियों की रफ्तार प्रभावित रही।
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अधिकांश परीक्षार्थी भदोही से परीक्षा देने पहुंचे थे। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भीड़ जुटने लगी थी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 9:30 बजे तक परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीएम निधि गुप्ता वत्स और एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व महात्मा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने स्ट्रांग रूम, सीसीटीवी की क्रियाशीलता, पेयजल व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



पांच से 10 रुपये अतिरिक्त वसूला किराया

लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए अधिकांश परीक्षार्थी रात में ही शहर पहुंचकर होटलों में ठहरे थे। सुबह परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा चालकों ने पांच से 10 रुपये तक अतिरिक्त किराया वसूला। बस अड्डे से जिला अस्पताल तक टेंपो चालकों ने 15 रुपये लिए। स्टेशन से एएस इंटर कॉलेज तक 20 रुपये किराया वसूला गया। अन्य परीक्षा केंद्रों तक जाने वाले परीक्षार्थियों से भी अतिरिक्त पैसा लिया गया।

माइनस मार्किंग के चलते काफी सोचकर हल किए प्रश्न
भदोही से लेखपाल भर्ती परीक्षा देने आए अभिषेक यादव ने बताया कि प्रश्नपत्र अधिक कठिन नहीं था। डीआई से जुड़े प्रश्नों में थोड़ी परेशानी हुई लेकिन उन्हें हल कर लिया गया। इतिहास में आपदा व पर्यावरण से जुड़े सवालों और कंप्यूटर के प्रश्नों में ज्यादा समय लगा। माइनस मार्किंग के कारण काफी सोचकर प्रश्न हल करने पड़े।

भदोही से परीक्षा देने आए आशुतोष मौर्या ने बताया कि कंप्यूटर और इतिहास में आपदा से जुड़े प्रश्नों ने परेशान किया। सामान्य ज्ञान के कुछ सवाल भी कठिन लगे। दो घंटे में 100 प्रश्न हल करने थे जिससे समय का दबाव बना रहा। गणित के प्रश्नों में ज्यादा समय लगा और माइनस मार्किंग के चलते करीब 15 प्रश्न छोड़ने पड़े।

फोटो-10-अभिषेक यादव। संवाद

फोटो-10-अभिषेक यादव। संवाद

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