फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फतेहपुर: रामराज चावल का पेटेंट कराने की तैयारी, यमुना पट्टी होगी विकसित

विज्ञापन
कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी में वीसी के जरिए खरीफ गोष्ठी में जुड़े अधिकारी। - फोटो : FATEHPUR
विज्ञापन
फतेहपुर। प्रदेश सरकार ने जनपद की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। योजनाएं कागज से निकलकर जमीन पर आईं तो जिले को न सिर्फ एक नई पहचान मिलेगी बल्कि यहां के प्रसिद्ध रामराज चावल और केले की प्रसिद्धी सात समुंदर पार तक होगी।
विज्ञापन

यमुना पट्टी क्षेत्र विकसित इलाकों की श्रेणी में आएगा। बुंदेलखंड की तरह यहां भी विशेष पैकेज की योजना की डिमांड की गई है। हालांकि योजना को पूरी होने में अभी वक्त लगेगा। लेकिन अफसरों की ओर से दिखाई जा रही तेजी बताती है कि जिले के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए शासन ने मन बना लिया है।
गुरुवार को खरीफ गोष्ठी का आयोजन ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से किया गया। जिसमें डीएम संजीव सिंह और सीडीओ सत्य प्रकाश उपस्थित हुए। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिंह फतेहपुर जनपद से मुखातिब हुए तो प्रशासन ने जिले में केले और धान की रामराज नस्ल की उन्नतशील श्रेणी के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन

प्रशासन की ओर से केले की खेती को और बढ़ावा देने के लिए जनपद में पांच राइपनिंग सेंटर और एक टिशू कल्चर केले की लैब दिए जाने का प्रस्ताव दिया। इसी क्रम में राजराज प्रजाति के धान को जिले के ब्रांड के रूप में पेटेंट कराने का भी प्रस्ताव रखा गया।
इसी के साथ दलहनी की फसलों को बढ़ावा देने और दालों के किसानों की सहूलियत के लिए दलहन क्रय केंद्र दिए जाने की डिमांड की गई। यमुना पट्टी क्षेत्र को बुंदेलखंड के समान सुविधाएं देने और खराब पड़े सरकारी ट्यूबवेलों की मरम्मत के लिए बजट की भी डिमांड की गई। गोष्ठी में उप कृषि निदेशक ए.के. पाठक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें