हसवा। थरियांव थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव में हुई पूर्व प्रधान की हत्या में गिरफ्तार किए नामजद आरोपियों को पुलिस ने छोड़ दिया है। पुलिस का कहना है कोई भी साक्ष्य आरोपियों के पक्ष में नहीं मिला है । उधर, मृतक के परिजन आरोपियों को छोड़े जाने पर जमकर बिफरे।
बतादें कि बीती 27 मई को फरीदपुर के पूर्व प्रधान शिवशंकर की गोलीमार कर हत्या कर दी थी। मृतक की पत्नी राजरानी नें गांव के प्रधान जयसिंह समेत चार लोगों को नामजद किया था। थरियांव थाना प्रभारी ने सभी को पकड़ कर बारह दिन तक पूछताछ करते रहे। साक्ष्य के अभाव में पुलिस ने चारों को छोड़ दिया है। हालांकि चारों अभी तक गांव नहीं आये। मृतक का बेटा चमन सिंह पुलिस के इस फैसले पर बिफर पड़ा। उसका कहना है कि नामजद होने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को जेल नहीं भेजा है। थरियांव थानाध्यक्ष विनोद गौतम का कहना है हत्या होने के बाद चार घंटे तक उच्चाधिकारी मौके पर रहे। अचानक दूसरे दिन नामजद रिपोर्ट करा दिया। कहा कि बहुत जल्द खुलासा हो जाएगा।
सियासी समीकरणों में उलझी पुलिस
हसवा। पूर्व प्रधान शिवशंकर की हत्या के खुलासा में सियासी समीकरणों में पुलिस उलझ गयी है। राजनीतिक दबाव में पुलिस खुलकर काम नही कर पा रही है। यही वजह है कि पुलिस की गिरफ्त से आरोपी दूर है। इस केस में जिले के कई सत्तासीन लगातार पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। इसके कारण पुलिस संदिग्धों से पूछतांछ और दबिश देने से फिलहाल बच रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह खुलासे के बहुत नजदीक है। उधर, एसओजी भी काल डिटेल खंगाल रही है।