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बिजली बदहाली से खफा किसानों ने पावर हाउस में किया हंगामा

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hungama - फोटो : FATEHPUR
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बहुआ। बारह दिनों से बिजली आपूर्ति न मिलने से किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। बेतहाशा धूप और सिंचाई के अभाव में सूखती धान की नर्सरी को देख गुस्साए किसानों ने बुधवार को पावर हाउस में जमकर हंगामा काटा। किसानों का आरोप है कि तीस मई को आंधी में क्षेत्र के सैकड़ों बिजली के खंभे टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी। अभी तक बिजली व्यवस्था ठीक नहीं की गई है। दोपहर में किसानों ने पावर हाउस में हंगामा किया, इसके बाद शाम को अधिशाषी अभियंता का घेराव किया।
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दरवेशाबाद से 33 हजार की लाइन बहुआ तक आयी है, वह लाइन तो सही हो गयी है, लेकिन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था अभी भी ध्वस्त है। बारह दिनों से अवर अभियंता पीयूष सोनकर बिजली व्यवस्था बहाल होने का आश्वासन देकर किसानों को लौटा रहे हैं। उदासीनता का आलम यह है कि उपकेंद्र तक तो बिजली बहाल हो गयी है, इसके बावजूद गांवो में अभी भी बिजली नहीं पहुंची है। इससे इस उमस भरी गर्मी में घरों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बिलबिला रहे हैं।
गांवों में बूंद-बूंद पानी की किल्लत हो रही है। लोगों के मोबाइल, इन्वर्टर सहित सभी बिजली उपकरण शोपीस बन गए हैं। सुबह जेई से फोन पर बात के बाद अकिलाबाद के सैकड़ों किसान अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर टूटे खंभे बदलवाने को विभाग की मदद के लिए पावर हाउस जा पहुंचे। वहां के लाइनमैन ने ट्रैक्टर से पोल ले जाने से मना कर दिया। इस पर किसानों का पारा चढ़ गया और किसानों ने हंगामा कर नारेबाजी की। इसी क्रम में कोर्राकनक गांव के किसानों ने जेई पीयूष सोनकर का पवारनपुर गांव के पास नहर के किनारे घेराव किया। किसान कई दिनों से बिजली न मिलने से नाराज थे। यहां बात इतनी बढ़ गई कि बीच-बचाव के लिए जिला मुख्यालय से अधिशाषी अभियंता को मौके पर आना पड़ा। उनके आश्वासन देने के बाद किसान शांत हुए। कोर्राकनक गांव के किसान सुनील कुमार, लालमन सिंह, बिल्लू सिंह, तेज्जू सिंह, अनिल कुमार, बबली सिंह आदि ने कहा कि आपूर्ति जल्द बहाल न की गई तो वे मुख्यालय जाएंगे।

बहुआ उपकेंद्र में प्रदर्शन करते उपभोक्ता- फोटो : FATEHPUR

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