फतेहपुर। पीएफ का पैसा सुरक्षित कराने के लिए विद्युतकर्मी एकजुट हो गए हैं। सोमवार को संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अधिकारियों व कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। यह सभी 48 घंटे के लिए कार्य बहिष्कार पर हैं। जिले की बिजली व्यवस्था संविदा कर्मियों के भरोसे है।
शहर के रेडइया वार्ड स्थित बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता और कर्मचारी विरोध में रहे। नारेबाजी भी हुई। संघर्ष समिति का नेतृत्व कर रहे महामंत्री व अधिशासी अभियंता प्रभाकर पांडेय ने कहा कि विभाग के लोगों का 2671 करोड़ रुपये का पीएफ और जीपीएफ एक फाइनेंस कंपनी में लगा देने से डूब गया है। सरकार हमारे फंड की वापसी सुनिश्चित करने के लिए गजट जारी करे। बिजली कर्मियों के रकम की सुरक्षा गारंटी दी जाए। समिति के अध्यक्ष उमाकांत अग्रिहोत्री ने कहा कि मंगलवार को भी कार्य बहिष्कार रहेगा। यहां तक किसी भी तरह की जन सुनवाई के लिए बिजली अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिलेंगे। विरोध प्रदर्शन में अधिशासी अभियंता मेख सिंह, वाईके सिंह, आर.एन. सिंह और विद्युत परिषद जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, महासचिव दीप नरायन, राजेश कुमार, बुद्धराज, गजेंद्र, सुरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता आनंद प्रकाश शुक्ल भी रहे।
आपात स्थितियों के लिए डीएम ने जारी किए निर्देश
फतेहपुर। बिजली विभाग के संयुक्त संघर्ष समिति के 48 घंटे कार्य बहिष्कार के मद्देनजर जिलाधिकारी संजीव सिंह ने निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने कहा कि जिलेे भर के विद्युत उपकेंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। कहीं कोई फाल्ट होता है तो उसे विभाग के संविदा कर्मियों से तत्काल ठीक कराया जाएगा। किसी भी सूरत में जिले में बिजली व्यवस्था बेपटरी नहीं होने दी जाएगी।