थरियांव गांव की कीचड़युक्त सड़क
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विधानसभा चुनाव फिर आ गया लेकिन गांवों की तस्वीर नहीं बदली। कई मतदान केंद्रों पर पहुंचने में मतदाताओं को बहुत दिक्कत होगी। रास्ते में गड्ढों की भरमार है तो तो कई जगह पर कीचड़ के बीच से कहां रास्ता है पता नहीं चलता। यमुना तिरहार की ग्राम पंचायत के मजरों में भी बदहाल गलियारों से होकर वाहनों को पोलिंग बूथ तक जाना पड़ेगा।
ग्रामीण क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में मतदान केंद्रों को जाने वाले रास्ते बदहाल हैं। ऐसे में पोलिंग पार्टियों को पहुंचने में तो दिक्कत होगी ही, मतदाताओं को भी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। बानगी के तौर पर हंसवा विकास खंड के थरियांव ग्राम पंचायत से होकर मलांव को जाने वाला संपर्क मार्ग दो किमी तक पूरी तरह से ध्वस्त है।
सड़क गड्ढों में तब्दील है। थरियांव के अंदर की सड़क कीचड़ में बदल गई है। तीन मतदान केंद्र की पोलिंग पार्टियाें के वाहनों को इस संपर्क मार्ग से जाना पड़ेगा। थरियांव के मजरा शिवपुर पोलिंग बूथ थरियांव से तीन किमी दूर है। इसी सड़क से होकर मलांव ग्राम पंचायत की दो पोलिंग बूथ से मतदान कराने वाली पार्टियां जाएंगी। 250 मीटर की सड़क पर पानी और कीचड़ भरा है। घरों का पानी सड़क के गड्ढों में भरता है। पीडब्लूडी की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। इसी प्रकार विजयीपुर विकास खंड के यमुना तिरहार की गढ़ा ग्राम पंचायत के मड़ैयन पोलिंग बूथ में एक किमी का कच्चा रास्ता है। तिरहार के ऊंचे-नीचे रास्तों से होकर वाहनों का जाना पड़ेगा। पोलिंग पार्टियों के ले जाने वाले ट्रक व बसों को गांव तक पहुंचने में भी परेशानी होगी।