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Fatehpur News: मेटा से साइबर अपराधियों की व्हाट्सएप चैटिंग का डाटा लेगी पुलिस

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फतेहपुर। सेवानिवृत्त रेलवे कर्मी मोतीलाल को मनी लांड्रिंग में फंसाने व गिरफ्तारी का डर दिखाकर 41.10 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय तीन साइबर अपराधियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर सभी को जेल भेजा गया है। पुलिस आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन, सिम कार्ड, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, चेकबुक, लैपटाॅप टैबलेट व अन्य इलेक्ट्राॅनिक उपकरण, कूटरचित दस्तावेजों की जांच में जुटी है। पुलिस वारदात में साइबर अपराधियों के इस्तेमाल किए गए व्हाट्सएप का डाटा निकालने के लिए मेटा से संपर्क कर रही है।
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गुल्ला का पुरवा निवासी मोतीलाल से साइबर अपराधियों ने चार से 17 नवंबर के बीच 41 लाख 10 हजार ठग लिए थे। साइबर थाना पुलिस ने ग्रेटर नोएडा परी चौक क्षेत्र से इंटेलीजेंस विंग की टीम के साथ दिल्ली के कीर्तिनगर थाने के मानसरोवर गार्डेन निवासी सार्थक ग्रोवर, गाजियाबाद खोड़ा निवासी राहुल शर्मा, गाजियाबाद खोड़ा निवासी संतोष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। संतोष इटावा जिले के बकेवर का मूल निवासी है। आरोपियों के सरगना एक मोबाइल नंबर से व्हाट्एसप पर एटीएस चीफ बसंतलाल बनकर मोतीलाल से संपर्क किया था।
पुलिस की जांच में पता चला कि सार्थक ग्रोवर का नेटवर्क दुबई तक फैला है। पुलिस को व्हाट्सएप समेत विभिन्न एप के माध्यम से बातचीत की चैटिंग सार्थक के मोबाइल से मिली है। व्हाट्सएप मैसेज की वास्तविक सामग्री को मेटा सुरक्षित करता है। इसी वजह से पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाने के लिए पीड़ित के मोबाइल पर भेजे गए मैसेज का डाटा चाहती है। मैसेज भेजने और प्राप्त करने का समय, फोन नंबर, आईपी एड्रेस, अन्य डिजिटल फुटप्रिंट की जानकारी पुलिस हासिल कर सकेगी। जिससे नेटवर्क में जुड़े अन्य साइबर अपराधियों तक पुलिस पहुंच सकेगी। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि व्हाट्सएप चैटिंग समेत अन्य डाटा की जानकारी जुटाई जा रही है। जिससे गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के नाम सामने आ सकेंगे।
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