फोटो-10-मुराइटोला हनुमान मंदिर में कविता पाठ करते कवि। स्रोत स्वयं
फतेहपुर। शैलेंद्र साहित्य सरोवर की शहर के मुराइनटोला हनुमान मंदिर में रविवार को काव्य गोष्ठी हुई। गोष्ठी में कवि शैलेंद्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा कि होली ऐसी खेलिये, चढ़े प्रेम का रंग। सब में हर्षोल्लास हो, पर्व न हो बदरंग।
गोष्ठी का शुभारंभ कवि केपी सिंह कछवाह ने पढ़ा कि मां शारदे, अभिव्यक्ति दे, नव साधना की भक्ति दे। गीत गाएं वंदना के, सर्जना की शक्ति दे। डाॅ. सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा कि कर्म से भोग, भोग से कर्म, यही है नियति नटी का खेल। आचार्य विष्णु शुक्ल ने पढ़ा कि आज बुरा नहीं मानेंगे कान्हा, करौ चाहै जैसन जौन ठिठोली।
कवि प्रदीप कुमार गौड़ ने पढ़ा कि बुलेट बनी बौछार रंग की, लाइसेंसी गन पिचकारी। बुरा न मानो होली कह, गोरी की चूनर रंग डाली। कवयित्री वीणा ने पढ़ा कि जब उड़ना चाहा, लगे लोग कतरने पंख।
मिथ्या नारी जागरण का गुंजित जयशंख। डॉ. शिव सागर साहू ने पढ़ा कि लगन लगी श्री कृष्ण में, मन में भरी उमंग। राधा होली खेलतीं, पिचकारी भर रंग। इसके साथ ही राम अवतार गुप्ता, उमाकांत मिश्र, अनिल कुमार मिश्र ने भी काव्य पाठ किया।
फोटो-10-मुराइटोला हनुमान मंदिर में कविता पाठ करते कवि। स्रोत स्वयं