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देते हैं टैक्स, दिमाग खराब हुआ तो ठोक देंगे मुकदमा

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शनिवार की शाम धरपकड़ के बाद रविवार की सुबह शुरू हुई ओवरलोडिंग। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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किशनपुर। रात के अंधेरे में किसान के खेतों से निकलने वाले वाहनों को लेकर शुरू हुए विरोध में किसानों को सीधे धमकी देने का मामला सामने आया है। शनिवार को हुए चक्काजाम के बाद किसानों को बात करने के लिए बुलाया गया। किसानों का कहना है कि उन्होंने जब अपनी फसल नुकसान का हर्जाना मांगा तो उन्हें कहा गया कि वह सरकार को राजस्व देते हैं और अगर दिमाग खराब हुआ तो सभी के खिलाफ मुकदमा ठोक देंगे, दिमाग सही हो जाएगा। खनन कारोबारियों की इस गुंडई से किसान आक्रोशित हैं।
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संगोलीपुर मौरंग खदान के रास्ते को लेकर जारी विवाद अब धमकी देने तक आ पहुंचा है। संगोलीपुर मोड़ पर शनिवार सुबह नौ बजे किसानों ने जाम लगाया था और यह जाम दोपहर एक बजे तक चला। किसानों का आरोप है कि ट्रक चालक रात में रोड से नीचे उतरकर उनके खेत से वाहन निकालते हैं, जिससे फसल कुचलकर खराब हो जाती है।
ऐसे में खराब हो चुकी फसलों का मुआवजा दिया जाए। इस बात को लेकर संगोलीपुर मोड़ पर असलहा लेकर पहुंचे खदान कर्मियों व किसानों के बीच कहासुनी भी हुई। बताया गया कि शनिवार की शाम को किसानों को बातचीत के लिए खदान में बुलाया गया। पंचायत में गए एक किसान ने बताया कि जब किसानों ने खेत से गाड़ी
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नहीं निकालने व नुकसान का मुआवजा मांगा तो उन्हें धमकी दी गई। असलहाधारियों की मौजूदगी में उन्हें कहा गया कि वह सरकार को लाखों का राजस्व देते हैं और वह गाड़ी ऐसे ही निकालेंगे। अगर दिमाग खराब हुआ तो किसानों के खिलाफ मुकदमा ठोंक देंगे।
संगोलीपुर मौरंग खदान के रास्ते पर प्रशासनिक टीम ने शनिवार शाम छापेमारी करके करीब सात गाड़ियों पर कार्यवाही की लेकिन इसके बावजूद ओवरलोडिंग पर रोक नहीं लग सकी है। रविवार की सुबह खुलेआम ओवरलोडिंग देखी गई।
संगोलीपुर खदान के रास्ते पर लगातार हो रहे किसानों के छोटे-छोटे विवाद कभी भी बड़ी घटना का रुप ले सकती है। हालांकि एसडीएम ने बैठक करके किसानों की समस्या को हल करने के निर्देश दिए हैं लेकिन यह समस्या हल नहीं हो रही हैं।
एसडीएम प्रभाकर त्रिपाठी ने बताया कि धूल से हो रहे नुकसान को लेकर उन्होंने रास्ते पर पानी का नियमित छिड़काव करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पता कराया तो जानकारी हुई है कि रास्तों पर कहीं पर पानी डाला जा रहा है। इस पर चेतावनी दी है।
धूल से फसल खराब हो रही है। रात होने पर वाहन खेत में चले जाते हैं। किसान अपनी बात किससे कहे, पुलिस भी खदान संचालकों की तरफ से दबाव बनाती है।
राजू निषाद ने बताया कि किसानों को पंचायत के लिए बुलाकर उन्हें असलहे दिखाकर डराया जा रहा है। कहा जा रहा है कि चुपचाप जो नुकसान हो रहा है, उसे होने दो।
किसानों को धमकाना गलत है। किशनपुर एसओ को निर्देशित किया गया है कि वह नियमित रूप से खदान के रास्ते पर नजर रखें। किसानों का नुकसान न होने दें। शनिवार की शाम डीएम के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई की है। दोबारा फिर से टीम छापेमारी करेगी। - प्रभाकर त्रिपाठी, एसडीएम खागा।
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