बहुआ। असोथर ब्लॉक क्षेत्र के चक पैगंबरपुर मजरे करैहा में फसलों की सिंचाई के लिए लगा राजकीय नलकूप 20 साल से बंद है। ट्रांसफार्मर व तार भी गायब हो गए। किसानों की बार-बार मांग के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी नलकूप की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
राजकीय नलकूप खंड के अनुसार 135 एफजी नंबर का राजकीय नलकूप वर्ष 1999 में लगाया गया था, जिससे करीब 50 हेक्टेयर की सिंचाई किसान करते थे। एक साल बाद ट्यूबवेल की मोटर जल गई और नलकूप से पानी सप्लाई बंद हो गई। मोटर बनने से पहले ही चोरों ने एक किलोमीटर तक का तार खोल लिया।
जब सिंचाई विभाग ने ध्यान नहीं दिया तो 2001 में ट्रांसफार्मर, लोहे के पाइप भी चोरों ने पार कर दिया। किसानों के लगातार प्रयास के बाद बिजली सप्लाई चालू कराने के लिए वर्ष 2005 में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर बिजली विभाग ने नलकूप के लिए दिया।
वह ट्रांसफार्मर भी नलकूप तक पहुंचने की बजाय गांव के ही नवाब सिंह के घर के पास रख दिया गया। 16 साल से अधिक का समय होने के कारण वह ट्रांसफार्मर भी कबाड़ हो गया। किसान मनोज निषाद, विधि चंद्र सिंह, राजपति सिंह, पूरन सिंह, शिवभोला सिंह, अशोक सिंह ने बताया कि सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। राजकीय नलकूप को सही कराने में अधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
राजकीय नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता किशनलाल ने बताया कि बिजली के तार लगाने और खराब ट्रांसफामर को सही कराने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। तार और ट्रांसफार्मर लगाने के बाद नलकूप चालू करा दिया जाएगा।