धाता। बिजली ट्रिपिंग व लो वोल्टेज से धान की फसल सूख रही है। हर 15 से 20 मिनट में बिजली कटौती हो जाती है। नलकूप न चल पाने से किसानों की करीब दो हजार एकड़ फसल सूखने की कगार पर है। किसान समस्या को लेकर खासे चिंतित हैं।
जिले में एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। धान की फसल के लिए नलकूपों ही अब सहारा हैं। नलकूप को चलाने के लिए 400 से 440 किलोवाॅट वोल्टेज होना जरूरी है, लेकिन उपकेंद्र से छह घंटे रोस्टिंग के बाद आपूर्ति में लगातार ट्रिपिंग व लो वोल्टेज के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं।
250 किलोवॉट वोल्टेज पर कुछ नलकूप चलते भी हैं, तो उनसे तीन इंच की जगह डेढ़ इंच ही पानी निकल रहा है। ऐसे में धाता, सोनारी, हरदवां फीडर के बेलाई, भदियापुर, घोषी, लिहयी, गोविंदपुर सहित करीब आधा सैकड़ा से अधिक गांवों की दो हजार एकड़ फसल खेत में सूख रही हैं। क्षेत्र के किसान राकेश कुमार सिंह, बनवारी लाल, मुहम्मद युसूफ, कल्लू, रमेश सिंह ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण नलकूप बंद हैं। धूप की वजह धान पीला हो रहा है और उसे बचाने के लिए सिंचाई की जरूरत है।
लो वोल्टेज से तार टूटने और फ्यूज खराब होने की समस्या बढ़ गई है। इस कारण फाल्ट बनाने के कारण ट्रिपिंग और लो वोल्टेज से छुटकारा दिलाने लिए ही चार फीडरों को दो-दो कर बांट दिया गया है। हर फीडर को 24 घंटे के अंतराल में पूरे वोल्टेज के साथ आपूर्ति दी जा रही है, इसलिए दो फीडर के किसानों को एक दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। अजय कुमार, अवर अभियंता, बिजली विभाग