फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के कस्बे में प्रशासन ने करोड़ों की अवैध मौरंग सीज की है। मामले की रिपोर्ट आने के बाद मौरंग भंडारण करने वाला का नाम तक पता नहीं लगा सका है। सूत्रों के मुुताबिक डंप मौरंग एक खदान संचालक की है, लेकिन प्रशासन उसका नाम सामने लाने में कतरा रहा है। करोड़ों की मौरंग का दावेदार सामने आने से मामला उलट सकता है। दावेदार को मौरंग का पांच गुना जुर्माना भरना पड़ेगा। मौरंग डंप किए जाने के समय भी जिले के अधिकारी सोेए रहे हैं।
जिला प्रशासन ने अवैध मौरंग डंप पर कई दिनों से कार्रवाई का दावा किया था। पहली कार्रवाई थरियांव कस्बे में एक मिल परिसर में की गई। गेट बंद प्लाट से बुधवार को प्रशासन ने बड़ी तादाद में अवैध मौरंग सीज की है। सीज मौरंग के बारे में प्रशासन ने आसपास के लोगों से छानबीन की। जमीन मालिक के बारे में पता लगा लेकिन मौरंग
का कोई सुराग नहीं लगा। बरामद दो हजार घन मीटर मौरंग को पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया है। इसकी कीमत करीब छह करोड़ से अधिक है। कुछ दिनों में मौरंग डंप नहीं की जा सकती है। मौरंग डंप में धूल की पर्त से साफ होता है कि करीब एक माह पहले भंडारण किया होगा। भंडारित करने में करीब एक माह का समय लगा होगा।
स्थानीय लोगों कहना है कि मौरंग डंपर में एक खदान से आती थी। प्रतिदिन करीब बीस से 25 डंपर मौरंग डंप होती थी। जमीन मालिक को यह कैसे नहीं मालूम होगा कि यह मौरंग किसकी है। एडीएम पप्पू गुप्ता ने बताया कि मौरंग का दावेदार सामने नहीं आया है। उनके पास डंप की रिपोर्ट आई है। किसी के सामने नहीं आने पर मौरंग की नीलामी होगी। जमीन मालिक के खिलाफ मौरंग चोरी की रिपोर्ट दर्ज भी कराई जा सकती है। जमीन के मिल मालिक शिवम पांडेय है।