फतेहपुर। बारिश के शुरुआती दौर में ही ट्रांसफार्मरों के फुंकने का सिलसिला बढ़ गया है। वर्कशाप में रोज जितने ट्रांसफार्मर सही किए जाते हैं, उसके तीन गुना अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। मुराइनटोला वर्कशाप का परिसर खराब ट्रांसफार्मरों से भर गया है।
प्रदेश सरकार भले ही ट्रांसफार्मरों के फुंकने के बाद उनको 48 घंटा में बदलने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कह रही है। शहर के मुराइनटोला वर्कशाप में रोजाना आठ से 10 ट्रांसफार्मर मरम्मत करने की क्षमता है। जबकि बारिश के बाद से रोज 20 से 30 फुंके ट्रांसफार्मर वर्कशाप में आ रहे हैं और उपभोक्ता उनका ऑनलाइन पंजीकरण करा रहे हैं। वर्कशाप में इस समय 50 ट्रांसफार्मर लंबित हैं। अवर अभियंता अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि बारिश के समय नमी अधिक होने की वजह से ट्रांसफार्मर अधिक जल रहे हैं। वर्कशाप में ट्रांसफार्मर रखने तक की जगह नहीं बची है। ट्रांसफार्मरों की लंबित कम हो, इसके लिए प्रयागराज वर्कशाप से भी ट्रांसफार्मर मंगाए जाते हैं। फिर भी कुछ ट्रांसफार्मर लंबित हैं।