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ड्रोन निगरानी के बाद गांव के हर घर की बनेगी %घरौनी’

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फतेहपुर। ग्रामीण क्षेत्र में बने घरों का हिसाब-किताब रखने के लिए प्रशासन ने अब हर गांव की घरौनी तैयार कराने का निर्णय लिया है। पहले चरण में पांच गांवों का चयन किया गया है। यह व्यवस्था ठीक वैसे ही काम करेगी जैसी अभी खेती का हिसाब खतौनी के माध्यम से रखा जाता है। ड्रोन कैमरे की मदद से इन घरों का ब्योरा जुटाया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इस नई व्यवस्था से गांवों में घरों के मालिकाना हक को लेकर विवाद की स्थिति लगभग समाप्त हो जाएगी। सभी के पास अपने घरों के स्वामित्व प्रमाण पत्र होंगे।
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दरअसल गांवों में अभी भी लोगों के पास खेती, बागवानी और ग्राम समाज संबंधी जमीनों का लेखाजोखा खतौनी के रूप में मिल जाता है। लेकिन किसी के भी पास अपने घर का कोई कानूनी लेखाजोखा नहीं है। गांव में किसी के भी पास अपने घर के बैनामा जैसे कोई कागजात नहीं होते। लोग अमूमन आबादी के नाम दर्ज जमीन पर अपने सामर्थ के अनुसार घर बनवा लेते हैं। अब इन घरों के रकबे और मालिकाना हक को कागजी स्वरूप दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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जिले के जनपद के 1032 गांवों का होगा सर्वेक्षण
केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वामित्व योजना के तहत जनपद के 1032 गांवों का सर्वेक्षण कर उनके अभिलेख तैयार किए जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल किन्हीं पांच गांवों का चयन कर उनमें काम शुरू कराने के लिए उप भूमि व्यवस्था आयुक्त भीष्म लाल वर्मा और अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने जिलाधिकारी संजीव सिंह को निर्देश दिए हैं।
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घर के मालिक को स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया जाएगा
पायलट प्रोजेक्ट में चुने गए इन गांवों की ड्रोन कैमरे से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके बाद एक-एक घर के क्षेत्रफल और उसके मालिक को स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया जाएगा। यह प्रमाण पत्र ही संबंधित व्यक्ति के घर के मालिक होने का कानूनी प्रमाण होगा। अपर जिलाधिकारी पप्पू गुप्ता ने इस संबंध में बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के लिए शीघ्र ही पांच गांवों का चयन किए जाने का होमवर्क चल रहा है। गांवों का चयन कर उनमें काम शुरू कराया जाएगा।
30 फोटो सिंगल कालम
स्वामित्व योजना अभूतपूर्व पहल है। इससे गांव के घरों के मालिकाना हक को लेकर विवाद की स्थिति लगभग समाप्त हो जाएगी। सभी के पास अपने-अपने घरों के स्वामित्व प्रमाण पत्र होंगे। भारतीय सर्वेक्षण संस्थान की टीम दिल्ली से आकर सर्वेक्षण का काम करेगी। - संजीव सिंह, जिलाधिकारी
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