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पूर्व सीएम का पुतला फूंकने के मामले में पूर्व मंत्री कोर्ट से बरी

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फतेहपुर। 12 वर्ष पहले तत्कालीन सीएम मायावती का पुतला फूंकने के मामले में कोर्ट ने बसपा-भाजपा गठबंधन में राज्यमंत्री रहे अमरजीत सिंह जनसवेक और सपा के दो पूर्व जिलाध्यक्षों को बाइज्जत बरी कर दिया है। फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए जनसेवक अमरजीत सिंह ने बताया 27 मई 2008 को बिंदकी के खजुहा चौराहे पर मायावती का पुतला जलाने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जिसमें न्यायालय ने बरी कर दिया है।
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27 मई 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का बिंदकी में तत्कालीन सपा जिलाध्यक्ष समरजीत सिंह, भाजपा-बसपा गठबंधन सरकार में राज्यमंत्री रहे अमरजीत सिंह और सपा नेता रामेश्वर दयाल गुप्त दयालू ने पुतला फूंका था। जिसमें बिंदकी कोतवाल कालूराम दोहरे ने तीनों नेताओं पर एफआईआर दर्ज की थी। तबसे मामला न्यायालय में विचाराधीन था। तीनों ने जमानत ले रखी थी। मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई अपर जिला जज धनेेंद्र प्रताप सिंह की अदालत में हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता धनराज सिंह ने दलीलें पेश कीं। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने तीनों पूर्व राज्यमंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष समरजीत सिंह और रामेश्वर दयाल दयालू को बरी कर दिया। न्यायालय के फैसले की जानकारी होने पर उपेंद्र सिंह गौतम, ज्ञानेंद्र सिंह, ज्ञानू, शीला सिंह जादौन, शैलेंद्र सिंह, राम नजर सिंह, पप्पू सिंह और बृजेश पटेल आदि लोगों ने खुशी जाहिर की है। जनसेवक अमरजीत सिंह वर्तमान में भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं और पुतला दहन के वक्त वह सपा से जुड़े थे।
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