खखरेरू (खागा)। सरकारी महकमे में लापरवाही की इंतहा है। करीब आठ दिन पहले आंधी में टूटे पड़े तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से किसान की भैंस मर गई। भैंस गर्भ से थी। किसान भैंस को तालाब पर पानी पिलाने ले जा रहा था। घटना से आहत किसान ने थाने में तहरीर दी है। उधर, घटना को लेकर ग्रामीणों में विभाग के रवैए को लेकर खासा गुस्सा है।
खखरेरू थाना क्षेत्र के शिवपुरी गांव निवासी नेमचंद्र कोरी ने भैंस पाल रखी थी। करीब 20 दिन के बाद भैंस बच्चा देने वाली थी। नेमचंद्र के घर से कुछ दूर आंधी में बिजली का खंभा टूटकर गिर गया था और एचटी लाइन का तार सड़क किनारे पड़ा था। बकौल नेमचंद्र ने अगले ही दिन बिजली विभाग को पोल गिरने की सूचना दी थी। गांव के दूसरे लोगों ने भी फोन से सूचित किया था। हफ्तेभर बाद भी न तो कोई खंभा लगाने आया और न ही तार हटाने। शनिवार की सुबह नेमचंद्र अपनी भैंस को पानी पिलाने व नहलाने के लिए तालाब पर ले जाने लगा। जैसे ही भैंस घर से कुछ दूर आगे निकली उसकी गर्दन बिजली की तार से छू गई। आठ दिन से टूटे पड़े तार में करंट दौड़ रहा था। भैंस की तड़प कर मौके पर मौत हो गई। यह देख नेमचंद्र बिलख पड़ा और लोगों की भीड़ जमा हो गई। नेमचंद्र ने थाने में तहरीर दी। बताया कि भैंस करीब 60 हजार रुपये कीमत की थी और गर्भवती थी। खखरेरू इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने बताया कि सूचना दर्ज कर ली गई है और चिकित्सक से पोस्टमार्टम भी करा दिया गया है। बिजली विभाग के अवर अभियंता अयाज सिद्दीकी का कहना है कि जांच हो रही है और किसान को मुआवजा दिलाया जाएगा।