खागा। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए खागा-कौशांबी बॉर्डर के करीब इंजीनियरिंग कालेज को कोविड-19 अस्पताल(एल-टू) में तब्दील कर दिया गया है। सौ बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई है। थरियांव स्थित एल-वन अस्पताल फुल हो चुका है।
खागा से करीब सात किलोमीटर दूर अजुहा कौशांबी की ओर हाईवे किनारे स्थित एक इंजीनियरिंग कालेज को अफसरों के निर्देश पर अस्पताल में बदला गया है। खागा सीएचसी के अधीक्षक डॉ यूपी कुशवाहा ने बताया कि इस अस्पताल की क्षमता 100 मरीजों की है। कालेज काफी बड़ा है इसलिए मरीजों के लिए सभी जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। मरीजों की देखरेख के लिए 25 कर्मचारियों का स्टाफ रखा गया है। इसमें छह (कोविड-19)
प्रशिक्षित डॉक्टर शामिल हैं। इसके साथ ही एक एंबुलेंस भी तैनात कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर अन्य स्टाफ भी मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्देश मिलते ही अस्पताल तैयार कर लिया गया था। फिलहाल अभी तक थरियांव के एल-1 अस्पताल में मरीजों को रखा जा रहा है। एल-2 की जिम्मेदारी फिलहाल उनके पास ही है।