फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र में शिक्षक के बेटे की हत्या आशनाई के चक्कर में हुई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
मलवां थाना क्षेत्र के चक्की गांव निवासी धनीराम पासवान के बेटे प्रदीप उर्फ बंटा की रविवार को बाग में गला काट कर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड की जांच में पुलिस ने गांव के ही रजोल लोधी, संजय पासवान व विक्रम को गिरफ्तार किया है। आरोपी रजोल ने पुलिस को बताया कि पत्नी के प्रदीप से संबंध होने का छह माह पहले पता
लगा था। उसे ग्रामीणों के बीच शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता था। तीन माह पहले उसने पत्नी को मायके भेज दिया था। तभी से प्रदीप की हत्या की फिराक में था। इस दौरान विक्रम और संजय से प्रदीप की किसी बात को लेकर खुन्नस हो गई थी। पता चला तो विक्रम के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। घर से प्रदीप रोज की तरह
रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे पहुंचा था। बाग में लेटा हुआ था। विक्रम ने अकेला प्रदीप को देखकर रजोल को सही मौका होने की बात कहकर बुला लिया। रजोल साथी संजय के साथ पहुंचा। कुल्हाड़ी से प्रदीप पर ताबड़तोड़ तीन बार हमला किया। प्रदीप की मौत हो जाने के बाद तीनों घर चले गए। हत्यारोपी रजोल खून से सने कपड़े उतार कर घर में सो गया। घटना के बारे में शोर मचने पर रजोल और विक्रम घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां घूम कर हत्या में अफसोस जाहिर करते रहे। तभी पुलिस को पूछताछ के दौरान कुछ संदिग्धों के बारे में पता चला। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनसे हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और प्रदीप का मोबाइल बरामद किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ा। घटना के खुलासे में थानेदार शेर सिंह राजपूत, स्वाट टीम प्रभारी विनोद मिश्रा, चौकी इंचार्ज सत्य प्रकाश खुलासा करने वाली टीम में शामिल रहे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव गांव पहुंचा। वहां अंतिम संस्कार किया क्या।
विक्रम से खुला राज
फतेहपुर। प्रदीप के बाग में सारे आरोपी एक साथ बैठकर अक्सर जुआ खेला करते थे। पुलिस को इस बात की भनक घटना के बाद लगी थी। पुलिस ने पहले जुआ खेलने वालों की धरपकड़ की। तभी विक्रम पुलिस के हाथ लग गया। जिससे घटना की परत दर परत खुलती चली गई।