फतेहपुर। दो माह से मध्याह्न भोजन से वंचित स्कूली बच्चों को घर में योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों ने अभिभावकों के बैंक खाते का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।
होली के बाद से शिक्षण संस्थाएं लगभग बंद हैं। इनमें परिषदीय, राजकीय, एडेड स्कूलों मे संचालित कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को दोपहर तय मेन्यू के आधार पर खाना खिलाने का प्रावधान है। लाकडाउन के कारण स्कूल बंद हैं, जिससे बच्चों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने बच्चों को घरों में ही भोजन की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीईओ के माध्यम से सभी शिक्षकों को अभिभावकों की बैंक पासबुक की छाया प्रति एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। जो शिक्षक सप्ताह भर में ब्योरा एकत्र नहीं कर पाएगा उसका चालू माह का वेतन रोक दिया जाएगा।