कानपुर से पैदल चलकर आये पलटू पुरवा के लोग
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फतेहपुर। मेहनत का पसीना बहाकर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाला तबका पेट की हूक के आगे निढाल पड़ता जा रहा है। लंबी दूरी नाप कर घर और परिवार के बीच पहुंचने की जद्दोजहद में जुटे इस तबके की राह चलते बेबसी देखते बन रही है। थकान से भरा चेहरा, उस पर पुलिस की सख्ती के डर से परेशान हैं। बहुआ के ऐसे ही दो लोग पैदल ही कानपुर से चले पड़े।
लॉकडाउन से मजदूरी करने वाला तबका प्रभावित है। घर में रहकर कोरोना से बचाव की शुरू हुई कवायद के चलते इस तबके की मजदूरी छिन गई है। काम धंधा बंद हो जाने से महानगरों को छोड़कर यह लोग गांवों को लौट रहे हैं। शुक्रवार को पटेलनगर रोड पर तेज कदमों से आगे बढ़ रहे बहुआ ब्लाक पलटू का पुरवा के लक्ष्मी नारायन और विजयसेन पुलिस की बाइक को देखकर एक पल के लिए ठिठक गए। दोनों ने बताया कि वह कानपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में नौकरी करते हैं। बाजार बंद हो जाने से मजदूरी नहीं मिल रही थी। जेब में पैसा नहीं था कि वहीं पर रहकर इतने दिन तक का गुजर बसर किया जा सकता। ऐसे में पैदल ही घर के लिए निकल लिए। इन दोनों का कहना रहा कि सात घंटे में इतना आ गए हैं तो गांव भी तीन घंटे में मिल ही जाएगा।