जाफरगंज। भूमि विवाद में शव दफनाने से रोक दिया गयाा। दोनों पक्षों में करीब एक घंटे तक शव का अंतिम संस्कार करने के लिए नोकझोंक होती रही। पुलिस के समझाने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।
थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी साधूराम करीब तीन महीने से बीमार थे। रविवार को उनकी मौत हो गई। सूरत से पौत्र मुकेश के लौटने पर परिजन मंगलवार को शव दफनाने खेत में पहुंचे। जहां रणमस्तपुर गांव के स्वामी प्रसाद अपने कई साथियों संग लाठी-डंडों लेकर खेत पहुंचा। भूमि विवाद में शव दफनाने से रोक दिया। दोनों पक्षों के बीच एक-दूसरे की भूमि होने को लेकर करीब एक घंटे तक नोकझोंक होती रही। पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समझाने के बाद मामला शांत हो सका। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। थानाध्यक्ष धनंजय सरोज ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच भूमि विवाद चल रहा है। शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।