फतेहपुर। शासन के निर्देश पर एक अप्रैल से शुरू हुए संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तमाम दावों के बावजूद शहर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। अभियान का अंतिम दिन में भी सफाई की व्यवस्था जस की तस है। गलियों में कूड़े के ढेर, चोक नालियां और मच्छरों की भरमार ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है। विभागों की रिपोर्ट में साफ-सफाई पूरी नजर आ रही।
नगर पालिका सदर में करीब 400 सफाईकर्मी और लगभग 35 सफाई वाहन लगाए गए हैं। प्रतिदिन सफाई का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है। शांतिनगर, सिविल लाइन, शादीपुर, हरिहरगंज जैसे इलाके कूड़े से पटे पड़े हैं। मच्छरों के बढ़ते आतंक से बुखार, डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ रहा है। वहीं विभागों की रिपोर्ट में साफ-सफाई चाक चौबंद है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह कई बार नगर पालिका को लिखित शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन कोई असर नहीं हुआ, सिर्फ अभियान से कुछ नहीं होगा। उनकी मांग है कि नगर प्रशासन सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी छोड़कर वास्तविक सफाई व्यवस्था पर ध्यान दे। जनता अब दिखावे के अभियानों से ऊब चुकी है, उसे स्वस्थ और स्वच्छ जीवन चाहिए।
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फोटो-12-गढ़ीवा में लगा कूड़े का ढेर। संवाद
शहर के वर्मा चौराहा के पास गढ़ीवा वार्ड की आबादी करीब ढाई हजार है। इस वार्ड के एक खाली स्थान पर कूड़े का ढेर लगा हुआ है। इससे यहां रात के साथ दिन में मच्छरों का प्रकोप रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गर्मी में कूड़े के सड़ने से बदबू आने लगी है। कई बार इसकी शिकायत की गई है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है।
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विकास भवन में विभागीय अधिकारियों का आना जाना रहता है। यहीं से संचारी रोग अभियान की शुरुआत भी हुई थी। करीब 30 दिन बीत जाने के बाद भी विकास भवन से सौ मीटर दूरी पर कचहरी रोड पर गंदगी से नाली पटी हुई है। लोगों ने बताया कि नाली में गंदगी होने के कारण हल्की सी बारिश में इस मार्ग में जलभराव हो जाता है।
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गंगा नहर काॅलोनी के पास घरों का कचरा फेंक दिया जाता है। इससे यहां पर कचरे का ढेर लग जाता है। कई दिनों तक कचरा नहीं उठने से बदबू फैलने लगती है। मवेशी भी पॉलीथीन निगल लेते हैं।
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शहर के आस्था का केंद्र तांबेश्वर मंदिर के अगल-बगल गंदगी का ढेर लगा है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि तेज हवा चलने पर कूड़े की गंदी पॉलीथीन दुकानों में आती है। कई बार कूड़े को हटवाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
-नालियों कूड़े के ढेर से भरी हैं
गढ़ीवा निवासी रामप्रकाश सिंह ने बताया कि वार्ड की नालियां गंदगी से अटी है। साथ ही कूड़े के ढेर से उठ रही गंध से सांस लेना भी दुश्वार हो रहा है। कई बार शिकायती पत्र देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं है। दिन प्रतिदिन मच्छरों का आतंक भी बढ़ गया है।
हरिहरगंज निवासी शिखा देवी ने बताया कि मिशन अस्पताल के सामने हमेशा गंदगी फैली रहती है। यहां से मुंह में कपड़ा लगाकर ही निकलना पड़ता है। कभी-कभी तो कूड़ा डंपिंग यार्ड के बाहर ही फैला दिया जाता है। इससे आने जाने में परेशानी होती है।
शहर के अंदर के नालियों की साफ-सफाई के लिए 100 कर्मचारियों की टीम तैयार की गई है। 20 मई तक सभी नाली, नालों को पूरी तरह से साफ किया जाएगा। इसके साथ जहां-जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें हटवाया जाएगा।
रवींद्र कुमार, अधिशाषी अधिकारी, सदर नगर पालिका