छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा 6,7 व 8 की छात्राओं को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण में जिले के 10 ब्लाकों में एक-एक स्कूलों का प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया है। पहले बैच में एक हजार छात्राएं जूडो कराटे से निपुण की जाएंगी। सप्ताह में तीन दिन यह प्रशिक्षण चलेगा।
ग्रामीण क्षेत्र की किशोरियों के साथ बढ़ रही छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाएं रोकने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने छात्राओं को सुराक्षार्थ आत्मनिर्भर बनाने जा रहा है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले दस ब्लाकों में एक-एक उच्च प्राथमिक स्कूल का चयन किया जा चुका है। इसके तहत उच्च प्राथमिक पड़री भिटौरा, दनियालपुर हंसवा, अयाह बहुआ, रतनपुर धाता, प्रेममऊ कटरा असोथर, चकबबुल्लापुर विजईपुर, रायचंद्रपुर हथगाम, बिलंदा तेलियानी, पुरइन ऐरायां तथा मलवां विकास खंड क्षेत्र के कन्या उच्च प्राथमिक मलवां द्वितीय का चयन किया गया है।
इन सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक शिक्षारत 100 छात्राओं को जूडो कराटे सिखाया जाना है। इसके लिए 5 हजार रुपये मासिक मानदेय पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जानी है।
प्रशिक्षक तीन महीने तक सप्ताह में तीन दिन छात्राओं को जूडो कराटे का प्रशिक्षण देंगे। इस तरह से पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्र की हजार छात्राओं को सुरक्षार्थ आत्मनिर्भर बनाया जाना है।
यह व्यवस्था 20 जनवरी से लागू करने के लिए सर्व शिक्षा से आदेश आया था, लेकिन डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप के अवकाश में होने के कारण प्रशिक्षक चयन में बाधा पैदा हुई है, जिससे प्रशिक्षण में निर्धारित तिथि से कुछ विलंब हो सकता है।
प्रशिक्षक चयन में डायट प्राचार्य की अध्यक्षता वाली कमेटी नियुक्त की गई है, जिसमें सचिव जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सर्व शिक्षा के जिला समन्वयक, जिला क्रीड़ा अधिकारी, जिला व्यायाम शिक्षक सदस्य होंगे।
छात्राओं को जूडो कराटे का प्रशिक्षण में आने वाले खर्च का प्रति बजट 40 हजार रुपया सर्व शिक्षा अभियान से भेजा जाना है। इस बजट से स्कूल जूडो कराटे का यूनिफार्म, किट बैग आदि का खरीददारी करेंगे।