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सात पंचायत सचिवों को नोटिस, स्पष्टीकरण तलब

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विजयीपुर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालयों की जियो टैग न होने से नाराज बीडीओ ने सात सचिवों को डिफाल्टर नोटिस थमा दी। उनसे दो दिन में जवाब मांगा गया है। बीडीओ द्वारा यह आशंका जताई गई है कि सचिवों की ओर से सरकारी धन का गबन कर लिया गया है। उन्होंने जवाब नहीं देने पर धनराशि की वसूली करने की चेतावनी दी है।
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विजयीपुर खंड विकास अधिकारी गोपीनाथ पाठक ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी शिवनंदन सिंह के पास 10 ग्राम पंचायत हैं। जिसमें एनओएलबी ग्राम निधि 6 के तहत 3655 शौचालय दिए गए थे। इसमें 2717 शौचालयों का ही अभी तक जियो टैग हुआ है। 938 शौचालयों का जियो टैग नहीं हुआ है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत अधिकारी विकास कुमार की आठ ग्राम पंचायतों में 2657 शौचालय के सापेक्ष 1587 शौचालय का ही जियो टैग हुआ है।
1070 शेष हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी सुमित सिंह की ग्राम पंचायत उमरा में 70 शौचालय में से एक भी शौचालय का अभी तक जियो टैग नहीं हुआ है। यही हाल ग्राम पंचायत अधिकारी हेमंत सिंह की 6 ग्राम पंचायतों का है। जिसमें 3094 शौचालय के सापेक्ष अभी तक 1832 शौचालय का ही जियो टैग हुआ है। 1262 शौचालय शेष है। इसी प्रकार मनीष कुमार सोनकर की 9 ग्राम पंचायतों में 4445 शौचालयों के सापेक्ष 3146 शौचालय का जियो टैग हुआ है।
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1299 का जियो टैग होना बाकी है। यही हाल हीरालाल ग्राम पंचायत अधिकारी के 6 गांव का है। जहां 2507 शौचालयों के सापेक्ष 2086 शौचालयों का जियो टैग हुआ है। 421 अभी शेष है। सबसे खराब स्थिति ग्राम पंचायत अधिकारी राजकुमार सिंह का है। जिनकी 9 ग्राम पंचायतों में 4946 शौचालय के सापेक्ष अभी तक 2556 शौचालयों का ही जियो टैग हुआ है। 2396 शौचालयों का जियो टैग होना बाकी है।
खंड विकास अधिकारी गोपीनाथ पाठक ने बताया कि सभी सचिव को कई बार पहले भी लिखित कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी, लेकिन जियो टैग पूरा नहीं हो सका। जिससे यह प्रतीत होता है कि सचिवों ने शौचालय की धनराशि का गबन कर लिया है। दो दिन में जवाब न देने पर वसूली की जाएगी।
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