फोटो-09-दुर्घटना स्थल पर सीमेंटेड क्रॉस बैरियर लगाती राजमार्ग की टीम। संवाद
चौडगरा। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर बड़ौरी ओवरब्रिज के पास आठ अक्तूबर को हुए सड़क हादसे के चार दिन बाद आखिर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अफसरों की नींद टूटी। विभागीय अफसरों ने मौके पर सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए हैं। हादसा स्थल पर सीमेंटेड क्रॉस बैरिकेडिंग लगवा दी गई है। इससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।
गौरतलब है कि आठ अक्तूबर को सुबह करीब पांच बजे स्कॉर्पियो सवार नौ लोग शादी समारोह से लौट रहे थे। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर बड़ौरी ओवरब्रिज के पास वाहन का पिछला दाहिना पहिया हवा निकलने से पंक्चर हो गया था। इसके बाद स्कॉर्पियो दो से तीन पलटी खाने के बाद तालाब में गिर गई थी।
हादसे में प्रयागराज के खुल्दाबाद निवासी साहिल गुप्ता, शिवम साहू, रितेश और राहुल की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि पांच अन्य युवक राहुल, महेश, अमित, सुमित और नीरज मौत को मात देकर बाहर निकाल आए थे।
हादसे के वक्त हाईवे किनारे कोई बैरिकेडिंग नहीं थी, जिससे वाहन सीधे तालाब में जा गिरा। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने बैरिकेडिंग लगवाने की मांग उठाई थी।
शनिवार को एनएचएआई की टीम पांच मजदूरों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और हाइड्रा और क्रेन की मदद से 40 सीमेंटेड क्रॉस बैरिकेडिंग सर्विस रोड और तालाब के बीच लगाए गए।
एनएचएआई के मैनेजर अतुल यादव ने बताया कि विभागीय निर्देश पर बैरिकेडिंग की गई है। पेट्रोलिंग टीम को भी सक्रिय किया गया है। मौके पर पेट्रोलिंग अधिकारी कृष्ण मुरारी, अजीत सिंह और रविंद्र सिंह मौजूद रहे।