फोटो-29-चौड़ी सड़क में संकरा नहर पुल। संवाद
खागा। क्षेत्र में सड़कों के चौड़ीकरण के बावजूद पुराने नहर और नालों पर बने संकरे पुल हादसों का कारण बन रहे हैं। बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच इन पुलों की चौड़ाई न बढ़ने से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
बुदवन-प्रेमनगर मार्ग पर हाईवे से 50 मीटर दूर बुदवन इंटर कॉलेज के सामने स्थित नहर पुल इसका उदाहरण है। पुल संकरा होने के कारण यहां कई बार वाहन सवार घायल हो चुके हैं। पुल पर सुरक्षा दीवार भी नहीं है जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
स्थिति यह है कि पुल से एक समय में मुश्किल से एक ही बड़ा वाहन निकल पाता है। ट्रक, बस या ट्रैक्टर के गुजरते समय सामने से आने वाले वाहनों को रुकना पड़ता है। इससे जाम और हादसे की आशंका बनी रहती है।
इसी मार्ग पर बरकतपुर गांव के आगे ससुर खदेरी नदी पर बने रपटा पुल पर भी यही समस्या है। स्थानीय रामप्रताप सिंह और रामसुमेर सिंह का कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण तो कर दिया गया लेकिन पुलों को नजरअंदाज कर दिया गया। इससे दिक्कतें बढ़ गई हैं।
विजयीपुर-असोथर मार्ग पर मनावां के पास बने संकरे पुल पर बीच में रेलिंग बनाई गई है जो रात में दिखाई नहीं देती। बृहस्पतिवार रात रेलिंग न दिखने से गिट्टी लदा ट्रक पलट गया। इसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुल अभी भी पुराने आकार में बना
बुदावन चौराहे पर जूस बेच रहे कटोंघन निवासी दुकानदार हरछठी ने बताया कि सड़क पहले करीब पांच मीटर चौड़ी थी और उसी के हिसाब से पुल बना था। अब सड़क चौड़ी हो गई है लेकिन पुल अभी भी पुराने आकार में ही बना हुआ है।
फोटो-29-चौड़ी सड़क में संकरा नहर पुल। संवाद