फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नकली नोटों के मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस उन्नाव रवाना

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। नकली नोट छापने के मास्टरमाइंड की पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी है। पुलिस की एक टीम शहर से उन्नाव के लिए रवाना हुई है। मास्टरमाइंड के पकड़े जाने के बाद स्कैन प्रिटिंग मशीन बरामद कर सकेगी। प्रिटिंग मशीन आरोपियों के खिलाफ कड़ा साक्ष्य बनेगी।
विज्ञापन

कोतवाली पुलिस ने लोधीगंज के पास रविवार रात केतन शर्मा निवासी कुसुंभी थाना अजगैन, इसरार अहमद निवासी मदानीनगर थाना गंगाघाट, विनोद कुमार गौतम निवासी मलकादिम सराय थाना हसनगंज और इरफान शाह निवासी कुसुंभी जिला उन्नाव को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में उन्नाव के शुक्लागंज निवासी विनोद सिंह का नाम सामने आया। आरोपी विनोद सिंह उन्नाव के अजगैन स्थित एक होटल में पार्टनर है। आरोपी विनोद सिंह ने ही स्कैन प्रिटिंग मशीन से नोट छापकर दिए हैं। नकली नोटों का मास्टमाइंड विनोद सिंह को माना है।
मामले के विवेचक उमाशंकर सिंह एक टीम के साथ मास्टरमाइंड की तलाश में रवाना हुए हैं। विवेचक ने बताया कि आरोपी विनोद की तलाश में घर समेत कई स्थानों पर छापा मारा गया है। आरोपी का सुराग नहीं लगा है। नोट छापने वाली स्कैन प्रिटिंग मशीन की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

बैंकों में अक्सर लोगों को नकली नोटों की गड्डी थमाकर टप्पेबाज शिकार बनाते हैं। बड़ी तादाद में नकली नोट जिले में लाए जा रहे थे। पुलिस कयास लगा रही है कि आरोपियों के साथी शहर में घूम रहे होगे। वह कभी भी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। त्योहार के चलते अफरा-तफरी का बैंकों में माहौल रहता है। इस माहौल का फायदा भी टप्पेबाज उठाते हैं। पुलिस ने घटनाओं की रोकथाम के लिए बैंकों में चेकिंग लगाई है।
शहर के पटेल नगर चौराहे इलाके से एक युवक को 2019 में पुलिस ने पकड़ा था। युवक मोबाइल रिचार्ज की दुकान चलाता था। उसकी वर्मा चौराहा स्थित दुकान से स्कैन प्रिटिंग मशीन पकड़ी थी। वह मशीन से नकली नोट छापता था। पुलिस ने उसकी दुकान से 75 हजार के नकली नोट और मशीन बरामद की थी। मामले में दुकानदार के दो साथी फरार हो गए थे। पकड़ा आरोपी सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके दो साथी हुसैनगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। वहीं जाफरगंज थाना क्षेत्र के दलेलखेड़ा गांव के एक युवक को पुलिस ने सात साल पहले स्कैन नकली नोटों के साथ पकड़ा था।
नकली नोट खपाने के लिए पेट्रोल पंप, भीड़ से भरा बाजार शातिरों के लिए अच्छा मौका रहता है। इसके अलावा शातिर रुपए जमा करने वाली एटीएम मशीन में असली के साथ नकली नोट लगाकर डाल देते हैं। उनके खाते में रकम पहुंचती है और बाद में निकाल लेते हैं। कई बार एटीएम से नकली नोट भी निकलने के मामले सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें