यदि भारत का वास्तविक चित्र देखना व अनुभव करना हो तो प्रेमचंद का गोदान उपन्यास सर्वश्रेष्ठ है। बिंदकी के राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मैत्रीय पुष्पा कथा साहित्य पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनय कुमार सिंह ने यह बात कही।
गुरुवार को महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डा. प्रियंका रानी की ओर से लिखित पुस्तक मैत्रेयी पुष्पा का विमोचन हुआ। समारोह का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा में माल्यार्पण व दीप जलाकर मुख्य अतिथि ने किया। महाविद्यालय के प्राचार्य ध्रुव कुमार तिवारी भी मौजूद रहे। यहां व्याख्यान प्रेमचंद के उपन्यासों पर संवेदना एवं शिल्प विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि समकालीन परिस्थितियों का सजीव चित्रण करने की कुशलता रखने वाले प्रेमचंद केवल भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी पढ़े जाते हैं।
इस मौके पर कार्यक्रम की आयोजक डा. प्रियंका रानी ने कहा कि यह चमत्कारी, तिलिस्मी दुनिया के विपरीत यथार्थ के धरातल पर बुनी गई है। इस मौके पर डा. सपना पांडेय, डा. रश्मि राय, डा. अंशूबाला, डा. शरद चंद्र राय, डा. नीरज राय, डा. अरविंद शुक्ला, डा. अमित जायसवाल आदि ने विचार व्यक्त किए।