फतेहपुर। मुराइनटोला हनुमान मंदिर में शैलेंद्र साहित्य सरोवर ने काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें क्षेत्र के कवियों ने कविताओं के माध्यम से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए केपी सिंह कछवाह ने सरस्वती वंदना पढ़ी- मातु शारदे,हे जगदंबे काली बनकर आओ, घात कर रहे राष्ट्र द्रोहियों का अस्तित्व मिटाओ। डा्. सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा निर्धन का कोऊ पूछत नाहीं दुख ही दुख समुहाय, अजब-गजब या जग का मेला ,अधरम ही पतियाय।
कवि दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने पढ़ा इस पृथ्वी में सरल पुत्र हैं बहुत किंतु मैं एक चपल, शायद ही कोई विरला हो पुत्र जननि मुझसा चंचल। शिव सागर साहू ने पढ़ा कि आई एनएस अरिघात बनी पनडुब्बी भारी, पंद्रह मिसाइलें लगीं,मार करिहैं भयकारी। प्रदीप कुमार गौड़ ने पढ़ा कि हम नूतन वृक्ष लगाएं, देव,पितृ, भारत की धरती, सबके सब हर्षित गुण गाएं। शैलेंद्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा कि अन्न वायु,जल पाकर,पला शरीर तुम्हारा, उसके साथ दगा मत करना, रहे सदा ही प्यारा।