फतेहपुर। गोपालपुर गांव में दो दोस्तों के शनिवार देर रात बाग में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। एक की मौके पर मौत हो गई। दूसरे ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों का बिसरा सुरक्षित किया गया है। पुलिस का कहना है कि एक दोस्त काम के लिए हरियाणा जाने वाला था। बिछड़ने के गम में ही दोनों ने आत्महत्या की है।
असोथर थाना क्षेत्र स्थित गांव निवासी छोटेलाल उर्फ छोटू पासवान (18) पुत्र गंगा विशुन और धीरज उर्फ रिंकू रैदास (19) पुत्र धनराज के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साथ गांव में कुछ दिनों से सीमेंट-ईंट के प्लांट में मजदूरी करते थे। इससे पहले दोनों लुधियाना में भी एक साथ मजदूरी कर चुके थे। परिजनों के मुताबिक दोनों शनिवार शाम घर से निकले, लेकिन रात तक नहीं लौटे। देर रात दो बजे के आसपास गांव किनारे बाग में ग्रामीण ने दोनों को बेसुध हालत में पड़ा देखा। छोटू की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि रिंकू को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज दौरान रिंकू ने साथ में सल्फास खाने की जानकारी डॉक्टर को दी। उसके बाद रिंकू की भी मौत हो गई।
पुलिस को बाग से शराब की एक बंद शीशी और एक गिलास में जहरीला पदार्थ रखा मिला। कोल्ड ड्रिंक की बोतल भी आधी खुली पड़ी थी। आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने पहले शराब पी होगी। उसके बाद जहरीला पदार्थ पीया है। पुलिस के मुताबिक मृतक छोटू को उसका बड़ा भाई रविवार को हरियाणा काम पर लेकर जाने वाला था।
छोटू के जाने वे दोनों अलग हो जाते। इसी वजह से आत्महत्या की है। परिजन कोई कारण नहीं बता पा रहे हैं। सीओ प्रगति यादव ने बताया कि आत्महत्या के कारण की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। जांच के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।
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फतेहपुर। गांव में रिंकू और छोटू की दोस्ती ग्रामीणों के बीच चर्चा का केंद्र रहा करती थी। रविवार को जब उनके एक साथ मरने की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो वे स्तब्ध रह गए। सुबह से देर शाम तक उनकी मौत के अलग-अलग कारणों पर चर्चा होती रही। पुलिस की तरह ग्रामीणों को भी लग रहा था, दोनों में से किसी न किसी के परिजन कुछ तो बोलेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। परिजन सिर्फ उनका नाम लेकर रोते-बिलखते रहे।
रिंकू की मां जीता देवी का हाल बेहाल दिखा। शनिवार को वह घर से मोबाइल लेकर निकला था। उसका मोबाइल पुलिस को नहीं मिला है। दोनों के घर की दूरी पांच सौ मीटर है। उधर, छोटू पासवान पांच भाइयों सोनू, मोनू, अखिलेश, शिवपूजन में चौथे नंबर का था। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों का गांव किनारे अंतिम संस्कार हुआ।