फतेहपुर। महाकुंभ मेले के दौरान प्रयागराज संगम में हादसे के बाद फतेहपुर रोडवेज की बसें रोक दी गईं। इससे प्रयागराज जाने वाले यात्री परेशान हुए। वह कई घंटों तक बसों की प्रतीक्षा करते रहे। बसों से रोजाना छह से सात हजार यात्री संगम पहुंच रहे हैं।
जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज डिपो से अनुबंधित के साथ 128 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें 14 बसें पहले ही प्रयागराज भेजी गई हैं। महाकुंभ के लिए बस स्टॉप से करीब 80 बसों का संचालन प्रयागराज के लिए हो रहा है। संगम में मंगलवार देर रात हुई घटना के बाद सभी बसों को रोक दिया गया। 36 बसें कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर फंसी रहीं। बुधवार सुबह 4 बजे बस स्टॉप से प्रयागराज के लिए निकली 14 बसों को लोधीगंज से वापस बुला लिया गया।
अन्य बसों को भी केवल कानपुर तक ही चलाया गया। इससे बस स्टॉप पर करीब एक हजार यात्रियों की भीड़ जुट गई। दोपहर 12 बजे यह स्थिति रही कि स्टॉप पर पहुंची हर बस पर यात्री दौड़कर पहुंचे। लेकिन, बसों के निरस्त होने पर मायूस होकर वहीं बैठ गए। हालात यह हुए कि बस स्टॉप के प्रतीक्षालय की सीट कम पड़ गई और यात्री जमीन पर ही बैठ गए। यात्री खाने पीने के सामग्री की व्यवस्था पर लग गए।
जानकारी के अभाव में बस स्टॉप के 10 पुरुष व आठ महिलाओं के बेड का रैन बसैरा पूरी तरह से खाली रहा। दूसरे राज्यों से आकर बस स्टॉप में रुके यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि हमें कानपुर में बोला गया कि फतेहपुर से प्रयागराज तक बस मिलेगी, लेकिन यहां कोई बस ही नहीं है। परिवार के साथ यहीं रुकने के लिए मजबूर हैं।
एआरएम एसपी सिंह ने बताया कि बस स्टॉप पर रुकने की सभी व्यवस्थाएं हैं। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर बसें रोकी गई हैं। जल्द ही बसें चलाई जाएंगी और यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।
इनसेट
15 रोडवेज बसों को खाली भेजा गया प्रयागराज
प्रयागराज में यात्रियों की भीड़ कम करने के लिए बस स्टॉप से 15 बसों को खाली भेजा गया है। यह बसें प्रयागराज से यात्रियों को लेकर आएंगी। इसके बाद और बसों को भी भेजा जाएगा। यह जानकारी एआरएम एसपी सिंह ने दी।
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प्रयागराज बस न मिलने पर भिटौरा घाट में लगाई डुबकी
प्रयागराज संगम में डुबकी लगाने के लिए सुबह छह बजे यात्री बस स्टॉप पहुंचे। प्रयागराज की बस न मिलने पर हुसैनगंज भिटौरा गंगा घाट पर डुबकी लगाकर घर वापसी की। उन्होंने बताया कि संगम में हादसे की जानकारी नहीं थी। यह था कि मौनी अमावस्या पर संगम में स्नान कर पुण्यफल प्राप्त करना है, लेकिन बस न होने पर यहीं डुबकी लगा ली।
फोटो-15-रज्जू सिंह
शाह निवासी रज्जू सिंह ने बताया कि 144 साल बाद लग रहे महाकुंभ में शाही स्नान पर साक्षी बनने के लिए सुबह पहले रेलवे स्टेशन गए थे। स्टेशन पर भीड़ होने पर रोडवेज बस स्टॉप पहुंचे। यहां भी बस न होने के कारण भिटौरा घाट में ही डुबकी लगा ली। संगम स्नान के लिए फिर कभी चले जाएंगे।
फोटो-16-लक्ष्मी देवी
सदर तहसील की लक्ष्मी देवी ने बताया कि वह मौनी अमावस्या में संगम में डुबकी लगाने के लिए बस स्टॉप में सुबह 8 से 10 बजे तक बैठी रहीं। दो घंटे तक बस नहीं मिली। सुबह 10 बजे हुसैनगंज की बस मिली तो भिटौरा घाट में डुबकी लगाने के लिए निकल गए। स्नान करके घर वापस जा रहे हैं।