फतेहपुर। एटीएस के हत्थे चढ़ने वाला मो. रजा भी पाकिस्तान के संपर्क में वर्चुअल आईडी के जरिए हो सकता है। इसके पहले जैश से जुड़े आतंकी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला को एटीएस ने पकड़ा था।
शहर के सैयदवाड़ा मोहल्ले के रहने वाले सैफुल्ला को 12 अगस्त 2022 को एटीएस लखनऊ ने पकड़ा था। एटीएस की जांच में कई प्रांतों में सैफुल्ला का नेटवर्क मिला था। उसने कई मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल कर कई वर्चुअल आईडी बनाई थी। वह फेसबुक के जरिए पाकिस्तान के हैंडलर्स के संपर्क में आया था।
उसका कनेक्शन आतंकी संगठन जैश-ए- मोहम्मद से निकला था। उसके पास से मैसेंजर व टेलीग्राम के लिंक मिले थे। माना जा रहा है कि रजा भी इसी तरह पाकिस्तान के संपर्क में आया होगा। जहां से उसे फंडिग मिल रही थी। जिले में अक्सर दागदार करने वाले ऐसे चेहरे पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। इनमें हथगाम के बंदीपुर का रहने वाले आतंकी सलीम भी शामिल था। जो जम्मू कश्मीर के आतंकी संगठन लश्कर से ट्रेनिंग लेकर आया था। इसके बाद नोएडा में रहने वाले उमर गौतम का नाम धर्मांतरण के नेटवर्क में सामने आया।
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घर देखकर रजा का नेटवर्क भांपना नामुमकिन
अंदौली गांव में मो. रजा का घर बस्ती से बाहर एक किनारे काॅलोनी में है। घर में एक कमरा और बाहर टिनशेड पड़ा है। फिलहाल घर पर मां के अलावा कोई नहीं रहता है। रजा के पकड़े जाने की खबर पर उसकी बहनें भी पहुंची है। रजा को मां व बहनें निर्दोष बताते रहे। मां बोली कि उन्हें सिर्फ यह मालूम चला है कि यूपी पुलिस केरल से बेटे को ले गई है। बड़े दिनों बाद तो कुछ अच्छे दिन आए थे। अब फिर लगता है सबकुछ बर्बाद हो गया है। पुलिस बेटों के मोबाइल तक छीन लिए हैं।