फतेहपुर। लकड़ी बीनने गई युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दो दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पीड़िता को न्याय पाने के लिए अदालत में आठ साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। बुधवार को अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई। अदालत का फैसला आने के बाद उन्हें पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
कल्याणपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में मार्च 2013 को शिवरात्रि के दिन एक युवती लकड़ी बीनने के लिए जंगल गई थी। जहां इब्राहिमपुर गांव के श्याम प्रकाश सिंह और मुन्नू पंडित ने युवती को अकेला देख कर उसे दबोच लिया था। उन्होंने तमंचा लगाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बारे में किसी को बताने पर उसके माता-पिता की हत्या करने की धमकी दी।
पीड़िता ने घर आकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, तो पिता ने मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को एससी/एसटी अधिनियम की विशेष अदालत के अपर सत्र न्यायाधीश पृथ्वीपाल यादव ने प्रकरण में आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अभियोजक उदय सिंह पटेल ने बताया कि उन्होंने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाहों के बयान दर्ज कराए। सभी पक्षों को सुनकर अदालत ने अभियुक्तों श्याम प्रकाश सिंह और मुन्नू पंडित को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।