छिवलहा साढ़े चार माह पहले जिन घरों में खुशियां बिखरी थीं आज वहां मातम छाया है। 30 जून 2020 को शादी रचाने के बाद जिंदगी को खुशियों से भर देने का सपना देखने वाले युवक के सामने बेरोजगारी इस तरह हावी हुई कि पांच दिन पहले उसने जहर खाकर जान दे दी। पति की मौत के गम में मंगलवार को पत्नी ने भी फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। पांच दिनों के भीतर नवदंपति की मौत की चर्चा हथगाम के हुलासी का पुरवा गांव में हर किसी की जुबां पर है।
कसरांव ग्राम पंचायत के मजरा हुलासी का पुरवा निवासी अनार कली पत्नी गोवर्धन पाल ने बेटी मोनी देवी (20) की शादी हथगाम के ही त्योंजा गांव में इंद्रपाल के छोटे बेटे हरिमोहन (24) के साथ इसी 30 जून को की थी। हरिमोहन मुंबई में एक फैक्ट्री में काम करता था। लॉकडाउन में फैक्ट्री बंद हुई तो वह घर चला आया।
बहन संगीता ने बताया कि हरिमोहन की शादी के बाद घर के सभी लोग खुश थे। लेकिन काम छिन जाने के कारण हरिमोहन कुछ समय से चिंतित था। पिछले महीने हरिमोहन दिल्ली काम की तलाश में गया था। जहां कुछ दिन मजदूरी की लेकिन इससे गुजारा होता न देख वह वापस गांव आ गया और यहीं काम तलाशने लगा। पुलिस के मुताबिक, आर्थिक हालात खराब होने के कारण घर पर भी अनबन होने लगी थी। इसी के चलते 15 अक्तूबर को हरिमोहन ने जहर खाकर जान दे थी।
उधर, पति की मौत के बाद से मोनी देवी सदमे में थी और कुछ खाना भी नहीं खा रही थी। ससुरालीजनों उसे 18 अक्तूबर को मायके भेज दिया था। मंगलवार की सुबह करीब सात बजे मां अनारकली गांव के दूसरे घर में बंधी भैस का दूध निकालने चली गई। छोटी बहन मुहल्ले में लगे हैंडपंप में पानी भरने गई थी।
तभी मोनी देवी ने घर के अंदर फांसी लगा ली। छोटी बहन ने घर पहुंचकर शोर मचाकर चाचा विजय पाल को बुला लिया। थानाध्यक्ष आदित्य सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति से शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।