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उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

Sun, 06 Sep 2015 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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16 कलाओं से परिपूर्ण प्रेम को जन्म देने वाले मनमोहन मदन गोपाल का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों और घरों में कान्हा की भव्य झांकी सजाई गई और भजन कीर्तन के साथ उत्सव मनाया गया। भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी में रोहिणीयुक्त नक्षत्र मध्य रात्रि में बाल गोपाल का जन्म हुआ तो घर घर बधाइयां बजने लगीं। जय श्रीकृष्ण के जयकारों की गूंज हर तरफ शुरू हो गई।
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पहली बार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म दिन सिर्फ एक दिन शनिवार को ही मनाया गया। भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी में रोहिणीयुक्त नक्षत्र मध्य रात्रि में जब गिरधर गोपाल जन्मे तो हर तरफ नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी मदन गोपाल की... बजने लगा और भक्त खुशी से झूम उठे। श्रीकृष्ण का जन्म होने के बाद लड्डू गोपाल को दूध, दही, घृत, मधु, गुलाब जल से मंत्रोच्चारण के बीच स्नान कराया। इसके बाद कन्हैया को बहुमूल्य रत्न आभूषण पहनाकर धूप, दीप, नैवेद्य और छप्पन प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों से भोग लगाया। भक्त दिनभर ब्रत रहकर कर ओम नमो भगवते वाशुदेवाय मंत्र का जाप करते रहे। शहर के हनुमान मंदिर, तांबेश्वर मंदिर, शीतला मंदिर, कालिकन मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना की। वहीं घरों में बच्चों ने बड़ों के संग मिलकर किशन कन्हैया की भव्य झांकिया सजाई। शनिवार को बाजारों में भक्तों द्वारा कान्हा के  लिए वस्त्र, मुकु ट, माला आदि खरीदारी का सिलसिला शुरू रहा। बच्चों में आकर्षक झांकियां सजाने की जैसे होड़ सी रही। उधर, पुलिस लाइन और पीएसी लाइन में एक से बढ़कर एक आकर्षक और भव्य झांकियां सजाई गई। दूर दराज से पहुंचे भक्तों ने कन्हैया के दर्शन कर पुण्य कमाया। जन्माष्टमी पर शाम आठ बजे से नौ बजे तक पुलिस मार्डन स्कूल के बच्चे तथा वाहिनी के कर्मचारी सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। इसके बाद भजन कीर्तन का कार्यक्रम चला जिसे सुन भक्त मंत्र मुग्ध हो गए। इसी प्रकार पीलू तले चौराहे के पास मंदिर में मोहल्ले वालों ने भव्य झांकी सजा कर उत्सव मनाया।

इनसेट ---
फेसबुक और ह्वाट्स अप में कान्हा की धूम
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर जहां लोगों ने एक दूसरे को शुभकामानाएं दी वहीं हाईटेक युग के चलते इंटरनेट में शुभकामनाएं देने का दौर जारी रहा। फेसबुक और ह्वाट्सअप में गिरधर गोपाल विभिन्न स्वरूपों में छाए रहे। लोगों ने इंटरनेट के जरिए भी एक दूसरे को शुभकामनाएं दी।
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