औंग। बारिश से ईंट भट्ठों में लाखों का नुकसान हुआ। भराई, फुंकाई और पथाई सहित सभी कार्य बाधित हो गए। चेंबर में भरा कच्ची ईंट गल गई। क्षेत्र में एक दर्जन ईंट भट्ठे संचालित हैं। सभी भट्ठों में ईंट पथाई तेजी से चल रही थी। चैंबरों में कच्ची ईंट की तीन से चार लाख भराई हो चुकी थी। तीन भट्ठों में फुंकाई भी शुरू हो गई थी। लेकिन पिछले दिनों बारिश होने से सब काम रुक गया। हर भट्ठे में चार से पांच लाख कच्ची ईंट पानी में गल गई। फड़ों में पानी भर गया है।
न्यू किसान ब्रिक फील्ड गोधरौली के व्यवस्थापक लाल जी चौहान ने बताया 750 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से पथाई का करार है। 3.75 लाख रुपये पथाई का बारिश में बह गया। लगभग पांच लाख कच्ची ईंट बारिश में खराब हुई। पथाई का कार्य बंद है। पथेड़ों को खुराकी का रुपये बैठे हुए देना पड़ रहा है। आशुतोष ब्रिक फील्ड हाजीपुर के व्यवस्थापक भगवान सिंह ने बताया कि मंगलवार को आग देकर फुंकाई शुरू करनी थी। चार लाख ईंट चेंबर में गल गई। फड़ में पांच लाख के आसपास ईंट खराब हुई है। भट्ठे में छह से सात लाख रुपये का नुकसान हुआ। एक बार की फुंकाई को आग देने में डेढ़ से दो लाख खर्च होते हैं। बारिश से फुंकाई रुक जाने पर दो लाख रुपये अतिरिक्त नुकसान हुआ है।
बढ़ेंगे ईंट के भाव, निर्माण में बढ़ेगी लागत
पथाई बाधित होने और कच्ची ईंट का नुकसान होने से तैयार ईंट की लागत में इजाफा होगा। मकान बनाने के बजट में बढ़ोतरी होगी। बारिश के चलते समय से नई ईंट की निकासी नहीं हो पाएगी। जिससे भट्ठे में स्टाॅक ईंट की कीमत बढ़ जाएगी। उत्पादन लागत बढ़ने की वजह से नई ईंट की लागत भी बढ़ेगी।