चित्रकूट कर्वी कोतवाली क्षेत्र के मउबा दुर्गनपुर गांव निवासी रामायण दास (36)बांदा जिला कमासिन निवासी रिश्तेदार राजू, बुधराज के साथ जयपुर में पत्थर घिसाई का काम करते थे। वह रिश्तेदारों के साथ जयपुर से इलाहाबाद आने वाली मथुरा एक्सप्रेस से गांव लौट रहा था।
सभी लोगों को मथुरा से फतेहपुर रेलवे स्टेशन उतरना था। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की रफ्तार धीमी होने पर रामायण दास उतरने लगा। इसी दौरान उसका पायदान से पैर फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे के बाद राजू और बुधराज उतरे।
उन्होंने क्षत विक्षत हालत में रामायण दास को ट्रैक पर देखा। घटना देख उनके होश गुम हो गए। उन लोगों ने जीआरपी और परिजनों को खबर दी। जीआरपी ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। परिजनों ने बताया कि वह ढाई महीने पहले कमाने गया था। त्योहार पर घर वापस आ रहा था। घटना की खबर से पत्नी सुनीता का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया है।
उधर, बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के सेमौनी गांव निवासी सूरज (40) गांव के ही कल्लू के साथ बाइक से अपनी बहन शकुंतला से मिलने जाफरगंज आए थे। वे लोग देर रात को गांव वापस लौट रहे थे। बहुआ चौकी के पास बांदा की ओर से आ रहे गिट्टी लदे ट्रक ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी।
कल्लू बाइक से छिटक कर दूर गिरा। वहीं सूरज को ट्रक ने कु चल दिया। चौकी पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल भेजा। जहां पर सूरज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं कल्लू को भर्ती कर लिया गया। एसओ विपिन कुमार सिंह ने बताया कि बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे।
हालांकि ट्रक के नीचे आ जाने से सूरज कु चल गया था। उसके् सिर में भी काफी चोट थी। ट्रक और चालक को पकड़ लिया गया है। परिजनों ने बताया कि सूरज गाजियाबाद में प्राइवेट नौकरी करता था उसकी पत्नी रीना और एक साल का बच्चा गांव में रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार हेलमेट लगाए होता तो उसकी जान बच सकती थी।