ग्रामीण जीवन से जुड़े दो मेधावियों ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप की महत्वपूर्ण परीक्षा उत्तीर्ण कर तहसील का नाम रोशन किया है। एक ने हिंदी और दूसरे ने उर्दू साहित्य में जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) क्वालीफाई किया है। दोनों के परिवार के लोगों एवं शुभचिंतकों ने बधाई दी है।
हथगाम विकासखंड के शाहपुर गांव निवासी मोहम्मद फरीद पुत्र मोहम्मद रफीक ने सीमित संसाधनों के बीच कठिन मेहनत के बाद पहले नेट की परीक्षा पास की और अब जेआरएफ क्वालीफाई कर न केवल अपने क्षेत्र का बल्कि तहसील एवं जनपद का नाम रोशन किया है।
मेधावियों की मानें तो लॉकडाउन का वक्त उनके लिए सबसे मुफीद साबित हुआ। अब वे दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर प्रोफेसर बनने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं।
मोहम्मद फरीद उर्दू शायरी भी करते हैं। उनकी इस सफलता पर शायर शिव शरण बंधु, डॉक्टर वारिस अंसारी शिवम हथगाम, जीशान अंसारी शिव सिंह सागर आदि अनेक लोगों ने बधाई दी है।
समाज सुधारक देवीदीन मौर्य निवासी भैरवा खुर्द विकासखंड ऐरायां की बेटी चेतना मौर्या ने हिंदी साहित्य में जेआरएफ क्वालीफाई कर माता पिता का नाम रोशन कर दिया। चेतना की बहन याचना मौर्या एवं रीना मौर्या इलाहाबाद विश्वविद्यालय की मेधावी छात्राएं हैं।
चयन के बाद परिवार के लोगों ने मिष्ठान वितरण कर खुशी का इजहार किया। देवीदीन मौर्य रामपाल मौर्य पीजी कॉलेज सुल्तानपुर घोष में वरिष्ठ प्रवक्ता हैं।
चेतना की कामयाबी पर डॉक्टर श्रीनाथ मौर्य, उषा मौर्या उर्फ अनीला मौर्या, उषा श्रीवास्तव, डॉ राजेश शर्मा, योगेंद्र उर्फ लाला मौर्य, नसरीन सिद्दीकी, कीर्ति विश्वकर्मा आदि ने बधाई दी।