सिंचाई खंड में तैनात अवर अभियंता (जेई) का शव उनके आवास के आंगन में बनी पानी की टंकी में मिला। शनिवार दोपहर उनकी टीचर पत्नी मायके से लौटी तो घटना का पता चला। परिस्थितिजन्य साक्ष्य हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। सीओ सिटी केडी मिश्रा ने बताया कि शव काला पड़ गया है। आशंका जताई कि मौत चौबीस घंटे पहले हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो सकेगी।
मूलरूप से कानपुर देहात सिकंदरा चौराहा निवासी अवर अभियंता अमित (38) राधाकृष्ण कटियार (सेवानिवृत्त टीचर) के बेटे थे। सिंचाई खंड में इनकी तैनाती 2006 में हुई थी। पत्नी प्रीती कटियार कौशांबी जिले के मंझनपुर में प्राथमिक विद्यालय में टीचर हैं। करीब पांच माह पहले जेई अमित का कानपुर निचली गंगा नहर में स्थानांतरण हुआ था। जेई गुरुवार को कानपुर के लिए कार्यमुक्त भी हुए थे। प्रीती ने बताया कि पति गुरुवार को शराब के नशे में घर आए थे। इसके बाद वह बेटे को मायके से लिवाने चली गई थी। मायके से शनिवार दोपहर को लौटी। आवास के आगे और पीछे के दरवाजे अंदर से बंद थे। पति का मोबाइल नहीं मिल रहा था। कुंडी खटखटाने के बाद भी कोई जवाब न मिलने पर उसने आसपास के लोगों को बुलाकर छत पर चढ़ाया। छत से आंगन में कूदकर अंदर से दरवाजा खोला गया। पड़ोसियों ने टंकी से शव को निकाल कर चारपाई पर लिटाया। हाथ-पैर में खरोंच के निशान थे। गले में एक चोट का निशान भी था। टंकी में चेहरा बाहर होने से डूबने की बात किसी के गले नहीं उतर रही। तीन फीट की टंकी में केवल दो फीट पानी भरा था। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदारों और कुछ विभागीय लोगों से मनमुटाव था। शराब के नशे में कई बार झगड़ा भी हुआ था। वह गुरुवार के बाद दिखाई नहीं दिए।