फतेहपुर। इलाज के नाम पर आईटी मंत्रालय में कार्यरत कर्मचारी से 19 लाख 50 हजार की धोखाधड़ी की गई। साथ ही आरोपियों ने 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। बिंदकी कोतवाली पुलिस ने बुधवार को चार परिचितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
जनता गांव निवासी ज्ञान प्रकाश दीक्षित ने बताया कि उनका पुत्र आनंद प्रकाश दीक्षित सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय नई दिल्ली में कार्यरत है। अमौली गांव निवासी परिचित विजय नारायण दीक्षित ने अपने बेटे अजीत दीक्षित को आनंद के साथ चालक की नौकरी पर लगवाया था।
आरोप है कि अजीत के बड़े भाई अमित दीक्षित ने जून 2024 में भाई के इलाज के नाम पर मेरे बेटे आनंद और दामाद से 18.50 लाख नकद और ऑनलाइन उधार लिए थे। दिसंबर में अजीत की एक हादसे में मौत हो गई। तेरहवीं संस्कार में एक लाख रुपये और दिए गए। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी।
सितंबर में जब रकम मांगी गई तो आदित्य, आकाश, हिमांशु दीक्षित ने साथियों संग गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। साथ ही 10 लाख की रंगदारी मांगी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने झूठी शिकायतें कर फंसाने की कोशिश भी की। कोतवाल लान सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।