फतेहपुर। प्रदेश सरकार ने छोटे-बड़े होटलों, ढाबों व रेस्टोरेंट में स्वच्छता नियमों का पालन, कैमरे लगाने और संचालक का नाम व लाइसेंस की जानकारी लिखने का निर्देश दिया है। एक सप्ताह के भीतर सभी को दिशा-निर्देशों के अनुसार होटल और रेस्टोरेंट के बाहर जानकारी लिखनी होगी। ऐसा न करने पर संचालकों पर कार्रवाई होगी।
जनपद में लगभग 200 और शहर में 80 छोटे-बड़े रेस्टोरेंट हैं। इनमें से शहर में तकरीबन 20 और शहर के बाहर 40 बड़े रेस्टोरेंट हैं। कुछ बड़े रेस्टोरेंट को छोड़कर बाकी स्वच्छता नियमों का पालन नहीं करते। यहां काम करने वाले शेफ और वेटर के सिर पर न तो टोपी होती है और न ही हाथों में ग्लब्स होते हैं। वह गंदे कपड़े पहनकर काम करते हैं और पसीने से तरबतर कर्मचारी गैर पेशेवर तरीके से खाना परोसते हैं।
कुछ मामलों में जानबूझकर मानव अपशिष्ट (पसीना-थूक-मल-मूत्र) मिलाने के भी सामने आते हैं। इन्हीं मामलों को लेकर सख्ती बरती जा रही है। अब होटल व रेस्टोरेंट मालिकों को अपने प्रतिष्ठानों के बाहर अपना नाम व लाइसेंस की जानकारी लिखनी होगी। सभी को कैमरे भी लगवाने होंगे। शेफ व वेटर्स के लिए कैप, मास्क और ग्लब्स लगाना अनिवार्य है। साफ-सफाई के बाकी मानक भी पूरे करने होंगे।
प्रदेश सरकार के निर्देश
खान-पान की वस्तुओं की शुद्धता व पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। होटलों, ढाबों व रेस्टोरेंट समेत खान-पान के प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी। हर कर्मचारी का पुलिस सत्यापन किया जाएगा। खान-पान के प्रतिष्ठानों पर संचालक, प्रोपराइटर व मैनेजर आदि का नाम और पता लिखना अनिवार्य होगा। शेफ हो या वेटर सभी को मास्क और ग्लव्स लगाना होगा। होटल व रेस्टोरेंट के साथ रसोई में सीसीटीवी कैमरे लगवाना अनिवार्य होगा।
सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। कैमरे लगवाने के साथ सभी को नाम, पता व लाइसेंस की जानकारी लिखने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह बाद जांच शुरू कर नियमों का पालन न करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।- देवेंद्र पाल सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य, द्वितीय