फतेहपुर। मेडिकल कॉलेज में करीब पांच साल के बाद मरीजों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो पाई। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में चार सर्जिकल रोगियों का ऑपरेशन कर उन्हें भर्ती किया गया। इसी के साथ जच्चा-बच्चा वार्ड भी चालू हो गया है।
मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के पहले बैच का अंतिम साल है और किसी भी समय उनकी फाइनल परीक्षा की तिथि घोषित हो सकती है। इन छात्रों ने अभी तक सर्जिकल और प्रसव से संबंधित प्रैक्टिकल प्रशिक्षण नहीं किया है। इससे उनकी डिग्री की वैधता पर असर पड़ सकता है। वरिष्ठ डॉक्टर नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि बिना सर्जिकल प्रैक्टिकल के नए डॉक्टरों की डिग्री वैध नहीं होगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरपी मौर्य ने बताया कि मंगलवार को चार सर्जिकल रोगियों का ऑपरेशन किया गया और दो जच्चा का सीजर किया गया। बृहस्पतिवार को चार और सर्जिकल रोगियों के ऑपरेशन के लिए बुलाया गया है। अब अस्पताल में नियमित आईपीडी संचालित होगी।